पूर्व सांसद व वर्तमान एमएलसी हरिओम पांडेय और स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप, पीड़ित परिवार ने शासन से लगाई गुहार
अवधी खबर संवाददाता
गोसाईगंज, अयोध्या। जमीन से जुड़े विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है। पीड़ित पंकज सिंह के समर्थन में श्रीराम सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश सिंह उनके गद्दोपुर स्थित आवास पर आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। उन्होंने पूर्व सांसद एवं वर्तमान एमएलसी हरिओम पांडेय तथा ग्रामर्षि एकेडमी इंटरनेशनल स्कूल की प्रबंधक अंजू त्रिपाठी पर सरकारी व अन्य भूमि पर कथित कब्जा कर शिक्षण संस्थान संचालित किए जाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। अनशनकारियों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।
दिनेश सिंह के मुताबिक ग्रामर्षि एकेडमी इंटरनेशनल स्कूल के निर्माण में गाटा संख्या 131 की करीब 12 बीघा, गाटा संख्या 324 की करीब तीन बीघा नवीन परती तथा गाटा संख्या 325 की करीब 10 बीघा फार्म पाठशाला की भूमि का कथित रूप से इस्तेमाल किया गया है। उनका आरोप है कि स्कूल से संबंधित बताई जाने वाली गाटा संख्या 202, 219, 223, 224 व 225 की जमीन विद्यालय से करीब एक किलोमीटर दूर गांव के अंदर स्थित है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यालय का निर्माण चारागाह, नवीन परती और फार्म पाठशाला की सरकारी भूमि पर कराया गया है। साथ ही गद्दोपुर स्थित महिला महाविद्यालय की भूमि को लेकर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने गाटा संख्या 104, 106, 109, 110 और 189 के नदी क्षेत्र में होने का दावा किया। उनका आरोप है कि इन्हीं जमीनों को दिखाकर महाविद्यालय की मान्यता हासिल की गई।
अंबेडकरनगर में भी जमीन कब्जाने का आरोप
श्रीराम सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अंबेडकरनगर जिले के आलापुर क्षेत्र में भी जमीन से जुड़े मामले का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आरीबपुर में 75 वर्षीय विधवा नंदिका देवी पत्नी स्वर्गीय हीरालाल शर्मा की निर्माणाधीन रामनारायण गर्ल्स डिग्री कॉलेज की जमीन को वर्ष 2019 से 2022 के बीच तीन वर्ष के एग्रीमेंट के बाद कथित रूप से जबरन कब्जे में लिया गया।
वहीं भूतपूर्व वायुसेना अधिकारी जगदीश मिश्रा की जमीन को लेकर भी आरोप लगाया गया है। उनका कहना है कि कल्पना शिक्षण संस्थान का गेट कथित तौर पर जगदीश मिश्रा की जमीन की ओर खोल दिया गया है।
‘न्याय मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष’
पीड़ित पंकज सिंह ने कहा कि न्याय के लिए जितना भी संघर्ष करना पड़ेगा, वह पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूरे प्रकरण का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
भूतपूर्व वायुसेना अधिकारी जगदीश मिश्रा ने भी मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप की अपील की। उन्होंने कहा कि पंकज सिंह अपनी पत्नी और तीन छोटे बच्चों के साथ धरने पर बैठे हैं। शासन-प्रशासन को मामले की गंभीरता को देखते हुए शीघ्र कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि पीड़ित परिवार के साथ ही क्षेत्र की जनता को भी न्याय मिल सके।
हालांकि, खबर लिखे जाने तक लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हो सकी है।




