मानदेय भुगतान से लेकर विकास योजनाओं तक पर पड़ा असर, जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर(प्रमोद कुमार वर्मा)। कटेहरी विकासखंड अंतर्गत बसंतपुर क्लस्टर की ग्राम पंचायतें पिछले एक माह से अधिक समय से सचिव के अभाव में जूझ रही हैं। लंबे समय से किसी सचिव की तैनाती न होने के कारण ग्राम पंचायतों के विकास कार्य प्रभावित होने के साथ-साथ पंचायत स्तर पर होने वाले जरूरी कार्य भी अटक गए हैं। सचिव की अनुपलब्धता का सीधा असर पंचायत सहायकों, ग्राम प्रधानों और केयरटेकर के मानदेय भुगतान पर भी पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम पंचायतों में सचिव के न होने के चलते विभिन्न विकास कार्यों से संबंधित प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। कई योजनाओं के भुगतान और अभिलेखीय कार्य प्रभावित हैं। वहीं पंचायत सहायक, ग्राम प्रधानों तथा केयरटेकर के मानदेय का भुगतान भी समय से नहीं हो पा रहा है। इससे संबंधित लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
बताया जा रहा है कि बसंतपुर क्लस्टर के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों में सचिव की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है, लेकिन एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी सचिव की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं की जा सकी है। इससे पंचायतों में विकास कार्यों की रफ्तार पर ब्रेक लगा हुआ है और ग्रामीणों को छोटे-बड़े कार्यों के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने उच्चाधिकारियों से मामले का संज्ञान लेते हुए बसंतपुर क्लस्टर में तत्काल सचिव की तैनाती किए जाने की मांग की है, ताकि लंबित विकास कार्यों को गति मिल सके और पंचायत स्तर पर लंबित भुगतान व अन्य जरूरी कार्यों का निस्तारण हो सके। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी कब तक इस समस्या का समाधान करते हैं और सचिव की तैनाती कर ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को पटरी पर लाते हैं।




