AI से फर्जी फोटो-वीडियो बनाकर बदनाम करने का दावा, इंस्टाग्राम पर धमकी के भी आरोप
महिला सुरक्षा और मिशन शक्ति अभियान पर भी प्रश्न चिन्ह, एक सप्ताह से चल रही जांच
प्रमोद कुमार वर्मा
अम्बेडकरनगर (अवधी खबर )। महरुआ थाना क्षेत्र में नाबालिग छात्राओं को परेशान करने और AI तकनीक के जरिए फर्जी फोटो-वीडियो बनाकर बदनाम करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। छात्राओं की मां ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई है। लेकिन एक सप्ताह का समय बीत गया अभी तक पुलिस के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है जबकि पीड़िता के पास पूरा साक्ष्य उपलब्ध है।
शिकायत के अनुसार, छात्राओं के विद्यालय आते-जाते समय आरोपित कथित रूप से उनका पीछा करते हैं। रास्ते में दुपट्टा खींचने और अभद्रता करने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़ित परिवार का दावा है कि छात्राओं को जबरन शादी करने और अपहरण करने की धमकियां दी जा रही हैं।
परिजनों के मुताबिक, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए भी छात्राओं को मैसेज भेजकर कथित तौर पर धमकाया जा रहा है। आरोप है कि AI तकनीक का इस्तेमाल कर छात्राओं के फर्जी फोटो-वीडियो तैयार किए गए और उन्हें बदनाम करने की कोशिश की गई।
परिवार का आरोप है कि इन हरकतों का विरोध करने पर आरोपित घर तक पहुंच गए और गाली-गलौज करते हुए मारपीट का प्रयास किया। घटना के बाद से छात्राएं और उनका परिवार भयभीत हैं। परिजनों का कहना है कि डर के कारण छात्राओं के स्कूल आने-जाने पर भी असर पड़ रहा है।
शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होने का आरोप
पीड़िता की मां का आरोप है कि मामले की शिकायत किए जाने के बावजूद अभी तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपितों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई, छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा सोशल मीडिया पर मौजूद कथित फर्जी सामग्री की जांच कराने की मांग की है।
महिला सुरक्षा और मिशन शक्ति अभियान पर भी प्रश्न चिन्ह
महिला सुरक्षा और मिशन शक्ति अभियान के बीच सामने आए इस मामले ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। थाना अध्यक्ष दौमित्र रावत ने बताया कि जानकारी है मामले की जांच की जा रही है। बड़ा सवाल खड़ा होता है कि आखिर एक हफ्ते से ज्यादा का समय बीत गया अभी तक पुलिस इस मामले में जांच कर रही है अभी कोई निष्कर्ष पर नहीं निकाल पाई है।
जबकि महिला संबंधी अपराधों पर सूबे के मुख्यमंत्री स्वयं सख्त हैं इसके बावजूद भी एक सप्ताह तक महरुआ थानाध्यक्ष की जांच चल रही है ऐसे में पूरे मामले पर धीरे-धीरे पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है। वहीं पीड़ित परिवार पूरी तरीके से टूट चुका है कि उनकी बेटियों के साथ इस तरीके से हरकत किया गया और पुलिस अभी तक शांत बैठी हुई है आज तक पुलिस पीड़ित परिवार से मिलने नहीं गई और न ही उस पर कोई कार्रवाई की है केवल जांच का हवाला दिया जा रहा है ऐसे में महिला सशक्तिकरण व मिशन शक्ति का सीधा सा धज्जियां उड़ते हुए देखा जा सकता है।
वही जब इस संबंध में क्षेत्राधिकारी भीटी लक्ष्मीकांत मिश्रा से टेलिफोनिक वार्ता करने का प्रयास किया गया तो उनका फोन नहीं रिसीव हो सका।




