आठ सूत्रीय मांगों को लेकर लेखपालों का तहसील दिवस बहिष्कार, शांतिपूर्ण धरना देकर सौंपा ज्ञापन

Spread the love

अवधी खबर संवाददाता

अंबेडकरनगर।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के बैनर तले भीटी तहसील के लेखपालों ने अपनी लंबे समय से लंबित आठ सूत्रीय मांगों को लेकर शुक्रवार को एक दिवसीय तहसील दिवस का बहिष्कार किया। लेखपाल सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक तहसील परिसर में शांतिपूर्ण धरने पर बैठे और अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए उपजिलाधिकारी को सौंपा।

धरने में लेखपालों ने पद की शैक्षणिक योग्यता एवं पदनाम परिवर्तन, प्रारंभिक वेतनमान उच्चीकरण,एसीपी विसंगति दूर करना, मृतक आश्रितों की पेंशन विसंगति का समाधान, अधिक राजस्व निरीक्षक और नायब तहसीलदार के पदों का सृजन, स्टेशनरी भत्ता 100 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये, विशेष वेतन भत्ता 100 रुपये से बढ़ाकर 2500 रुपये, नियत यात्रा भत्ता समाप्त कर वाहन/मोटरसाइकिल भत्ता दिए जाने की मांगों को उठाया।

लेखपाल संघ का आरोप है कि पिछले नौ वर्षों से इन मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जबकि शासन और परिषद स्तर पर कई बार सहमति बनने के बाद भी समाधान लंबित है। संघ का कहना है कि प्रदेश के लगभग 3000 लेखपाल परिवारों से 500 – 1000 किलोमीटर दूर भय और तनाव की स्थिति में नौकरी कर रहे हैं। 23 अगस्त 2018 के शासनादेश के बावजूद अंतर्मंडलीय स्थानांतरण सूची जारी न होना भी प्रमुख मुद्दा है।

संघ ने बताया कि 02 जुलाई और 03 सितंबर 2025 को पदोन्नति से जुड़े निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन चयन वर्ष 2025–26 की डीपीसी अभी तक आयोजित नहीं की गई, जिससे लेखपालों में नाराजगी बढ़ी है।
प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक 05 अक्टूबर को मथुरा स्थित रमण रेती आश्रम में हुई थी, जिसमें 75 जिलों के पदाधिकारियों ने समस्याओं पर कार्रवाई न होने को लेकर कड़ा रोष व्यक्त किया था।

तहसील व जिला स्तर के अधिकारियों पर उपेक्षा का आरोप

धरने में यह भी आरोप लगाया गया कि तहसील और जिला स्तर के अधिकारी लेखपाल संघ के पदाधिकारियों के साथ मासिक बैठकें नहीं करते। समस्याएं उठाने वाले पदाधिकारियों का मनमाने ढंग से स्थानांतरण कर दिया जाता है और कम संसाधनों के बीच विभागीय एवं गैर-विभागीय कार्यों का लगातार बढ़ता बोझ लेखपालों की नाराजगी का प्रमुख कारण है।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

लेखपालों ने बताया कि 7 और 11 नवंबर को आंदोलन के संबंध में सूचना देने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला। जिसके चलते आज वे तहसील में उपस्थित होकर शांतिपूर्ण धरना देने को मजबूर हुए।
लेखपाल संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा। धरना प्रदर्शन में तहसील के सभी लेखपाल और संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।


Spread the love

Related Posts

विधवा के आरोपों पर एडीओ पंचायत को नोटिस, डेढ़ लाख रुपये मांगने का मामला गरमाया

Spread the love

Spread the loveपरिवार रजिस्टर की नकल के नाम पर कथित वसूली और शारीरिक शोषण का आरोप, ऑडियो वायरल होने के बाद विभागीय कार्रवाई शुरू अवधी खबर संवाददाता अम्बेडकरनगर।भीटी ब्लॉक में…


Spread the love

अमृत सरोवर में बीवी जी राम जी (मनरेगा) के नाम पर फर्जी हाजिरी का आरोप, सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका

Spread the love

Spread the loveकटेहरी के बीबीपुर रंडौली में सुबह फोटो खिंचवाकर मजदूरों के लौटने का दावा, मौके पर 7-8 लोगों के ही काम करने की बात आई सामने प्रमोद कुमार वर्मा…


Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *