अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर।
टांडा शिक्षा क्षेत्र के फूलपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय परिसर में संचालित जूनियर हाईस्कूल में सामने आई गंभीर लापरवाही के मामले में खबर प्रकाशित होने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है। बच्चों को बिना शिक्षक के स्कूल में छोड़ने और उनसे ही गेट का ताला खुलवाने-बंद करवाने की घटना ने पूरे तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए थे।
मीडिया पड़ताल में सामने आया कि विद्यालय में लगभग 25 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, लेकिन निरीक्षण के दौरान शिक्षक मौजूद नहीं मिले। इंचार्ज प्रधानाध्यापक राम श्याम और सहायक अध्यापक जयप्रकाश मौके से नदारद पाए गए। चौंकाने वाली बात यह रही कि स्कूल का गेट अंदर से बंद था, जिसे बच्चों ने स्वयं खोला। यह जिम्मेदारी शिक्षकों की होनी चाहिए थी, लेकिन मासूम बच्चों पर छोड़ दी गई।
पूछताछ के दौरान शिक्षकों की ओर से अलग-अलग और विरोधाभासी बयान सामने आए। कहीं शिक्षक कोटेदार के पास होने की बात कही गई तो कहीं दिल्ली जाने की सूचना दी गई। बाद में ड्यूटी से जुड़ी नई जानकारी सामने आई। लगातार बदलते बयानों ने पूरे मामले को और संदिग्ध बना दिया। खबर सामने आते ही खंड शिक्षा अधिकारी टांडा ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोनों शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार संतोषजनक जवाब न मिलने पर कठोर कार्रवाई की जा सकती है।
स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि यदि समय रहते यह मामला उजागर न होता तो बच्चों की सुरक्षा के साथ कोई बड़ा हादसा भी हो सकता था। शिक्षा विभाग की त्वरित कार्रवाई से अब अभिभावकों में उम्मीद जगी है कि भविष्य में ऐसी लापरवाही की पुनरावृत्ति नहीं होगी। फिलहाल जांच जारी है, लेकिन बड़ा सवाल अब भी कायम है क्या सरकारी विद्यालयों में बच्चों की जिम्मेदारी सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई है।





