अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर।
किशोरी बालिकाओं को शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से मजबूत बनाकर स्वस्थ समाज की परिकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से विकासखंड अकबरपुर के ताराखुर्द व चंदनपुर न्याय पंचायत के आठ ग्राम पंचायतों के 20 गांवों में किशोरी स्वास्थ्य संवेदीकरण बैठकों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 500 से अधिक किशोरी बालिकाओं एवं अगुवा महिलाओं ने सहभागिता कर आओ मिलकर आवाज उठाएं, रोग बीमारी दूर भगाएं का संकल्प लिया।
किशोरी बालिका सशक्तिकरण कार्यक्रम अम्बेडकरनगर एवं जन विकास केन्द्र भितरीडीह द्वारा आयोजित इन बैठकों में सचिव गायत्री ने कहा कि 10 से 19 वर्ष की आयु किशोरियों के शारीरिक विकास, भविष्य के स्वस्थ मातृत्व और सशक्त जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इस आयु में पोषण, मानसिक स्वास्थ्य और कुरीतियों से बचाव पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है, ताकि वे शिक्षित और आत्मनिर्भर बन सकें।
मानवाधिकार रक्षक मनोज कुमार ने बताया कि किशोरावस्था में संतुलित आहार बेहद जरूरी है। किशोरियों को प्रतिदिन लगभग 2200 कैलोरी तथा किशोरों को 2800-3200 कैलोरी ऊर्जा की आवश्यकता होती है। इसके साथ ही प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, जिंक, विटामिन और फाइबर युक्त भोजन अनिवार्य है।
प्रशिक्षिका अनुपम ने युवावस्था में होने वाले शारीरिक व मानसिक परिवर्तनों, स्वच्छता और बीमारियों से बचाव पर विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षिका निरकला ने माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता पर किशोरियों को प्रशिक्षित किया। कम्युनिटी मोबिलाइजर गुलशन कुमार ने साइबर सुरक्षा और महत्वपूर्ण सरकारी टोल फ्री नंबरों की जानकारी साझा की। धीरेन्द्र ने पौष्टिक “झंडे वाला खाना” अपनाने की सलाह दी, जबकि छोटेलाल ने शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी।
बैठकों के दौरान 500 से अधिक किशोरियों को बाला के सहयोग से सेनेटरी पैड वितरित किए गए तथा उनके सही उपयोग और रखरखाव की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम को सफल बनाने में अंजलि, महिमा, गुड़िया, गीतिका, रीता, लक्ष्मी, गीता, वंदना, सीता, उजाला, ज्योति, निधि, चांदनी, पूजा, सुनीता, अंशिका, सुमन, रेशमा और सलोनी सहित कई सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




