अवधी खबर संवाददाता
बीकापुर/अयोध्या।
बीकापुर क्षेत्र के ग्राम कुंडौली, संजय गंज बाजार स्थित श्री परशुराम मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर व्यास पूज्य इंद्रेश कौशिक महाराज ने श्रद्धालुओं को भक्ति का अमृतपान कराया। कथा पंडाल में उमड़े श्रद्धालुओं ने भाव-विभोर होकर प्रभु कथा का रसास्वादन किया।
अपने ओजस्वी प्रवचन में महाराज श्री ने कहा कि भगवान की कृपा केवल सच्चे भाव से प्राप्त होती है और भजन-भक्ति के लिए किसी विशेष आयु की आवश्यकता नहीं होती। उन्होंने भगवान राम और भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए बताया कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म और अत्याचार बढ़ता है, तब-तब प्रभु अवतार लेकर धर्म की पुनः स्थापना करते हैं।
ध्रुव चरित्र का उदाहरण देते हुए उन्होंने समझाया कि सच्ची भक्ति के लिए उम्र नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प और निर्मल हृदय आवश्यक है। यदि बचपन से ही भक्ति के संस्कार मिल जाएं तो जीवन धन्य हो जाता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि जब भी मन में प्रभु के प्रति सच्चा भाव जागृत हो, उसी क्षण भजन में लीन हो जाना चाहिए।
मुख्य यजमान राकेश कुमार पांडे एवं मीरा देवी सहित करुणाकर पांडे, रत्नाकर पांडे, अरुणाकर पांडे, अनुभव पांडे, अंश पांडे, वीर प्रताप पांडे, कुंवर उदय प्रताप पांडे तथा पांडे परिवार के सदस्य व मित्रगण सहित सैकड़ों श्रद्धालु कथा में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन भजन-कीर्तन और आरती के साथ श्रद्धा एवं भक्ति भाव से संपन्न हुआ।




