अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर।
ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाने और टिकाऊ कृषि प्रथाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “मौसम परियोजना” के अंतर्गत मां फूला देवी डिग्री कॉलेज पांती में प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कटेहरी विकासखंड के औरंगनगर न्याय पंचायत की पांच ग्राम पंचायतों से 53 से अधिक किसानों एवं ग्रामीणों ने भागीदारी की।
यह प्रशिक्षण पानी संस्थान अयोध्या के निर्देशन में रोहिणी नीलेकणि फिलान्थ्रोपीज फाउंडेशन के सहयोग से जन विकास केंद्र भितरीडीह, अम्बेडकरनगर द्वारा आयोजित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्था की सचिव गायत्री ने कहा कि जलवायु अनुकूल खेती एक टिकाऊ कृषि पद्धति है, जो बदलती जलवायु परिस्थितियों—जैसे सूखा, बाढ़ और अनियमित वर्षा के अनुरूप फसलों और तकनीकों के चयन पर आधारित होती है। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य मिट्टी की उर्वरता बढ़ाना, पानी की बचत करना, लागत कम करना और किसानों की आय में वृद्धि करना है। साथ ही इससे रासायनिक निर्भरता भी कम होती है।
प्रशिक्षण के दौरान किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। प्रशिक्षक मनोज कुमार ने प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम कुसुम), प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पर ड्रॉप मोर क्रॉप), प्रधानमंत्री सौर घर मुफ्त बिजली योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि तथा मृदा स्वास्थ्य कार्ड जैसी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी और किसानों को इनका लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
क्लाइमेट वारियर लीड शकुंतला यादव ने बताया कि क्षेत्र की पांचों ग्राम पंचायतों में किसान संगठनों का गठन, बेड विधि से खेती, प्याज की फसल में जीवामृत का उपयोग, मल्चिंग तकनीक, खरपतवार नियंत्रण एवं वाटर बजट जैसे प्रयोग किए जा रहे हैं, जिससे खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाया जा सके।
कार्यक्रम के सफल संचालन में अनुपम यादव, गुलशन बानो, कुसुम यादव, आकांक्षा, छोटेलाल, निरकला और शकुंतला विश्वकर्मा सहित अन्य सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।




