अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर। महरुआ थाना क्षेत्र में अधिवक्ता प्रभात मिश्रा पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने एक और आरोपी शुभम त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही अब तक कुल 6 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। हालांकि, इस कार्रवाई के बावजूद पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सबसे बड़ा मुद्दा यह है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस हमले में प्रयुक्त वाहन, लोहे की रॉड, लाठी-डंडे, अधिवक्ता की कार की चाबी और उनका मोबाइल फोन तक बरामद नहीं कर सकी है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर बिना अहम साक्ष्यों के जांच किस दिशा में आगे बढ़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की हाईटेक जांच व्यवस्था के दावे इस मामले में फेल साबित हो रहे हैं। अगर समय रहते मुख्य सबूत ही नहीं जुटाए जा सके, तो पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आना मुश्किल हो जाएगा।
मामले को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं भी तेज हैं। लोगों का मानना है कि केवल आरोपियों की गिरफ्तारी से न्याय नहीं मिलेगा, जब तक कि घटना से जुड़े सभी साक्ष्य बरामद न हों। बड़ा सवाल क्या सिर्फ गिरफ्तारी से पूरा होगा न्याय, या फिर सबूतों की बरामदगी भी है उतनी ही जरूरी?
फिलहाल शुभम त्रिपाठी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अपनी कार्रवाई को सफल बता रही है, लेकिन बिना साक्ष्यों की बरामदगी के यह कार्रवाई अधूरी नजर आ रही है। अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि पुलिस कब तक इस मामले का पूरा खुलासा करती है।




