अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर।
अकबरपुर तहसील क्षेत्र में मजिस्ट्रेट लिखी सरकारी गाड़ी के दुरुपयोग का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। वायरल वीडियो के संज्ञान में आते ही जिला पंचायत राज अधिकारी ने संबंधित सफाई कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
जानकारी के मुताबिक, कनक पट्टी गांव निवासी सफाई कर्मचारी अखिलेश पर आरोप है कि उसने सरकारी वाहन यूपी 45 जी 0335 का निजी कार्यों में इस्तेमाल किया। इतना ही नहीं, वाहन को शराब ठेके तक ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया।
डीपीआरओ ने अपने नोटिस में स्पष्ट किया है कि प्रथम दृष्टया यह मामला सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग और कर्तव्यों की घोर लापरवाही का प्रतीत होता है। कर्मचारी से पूछा गया है कि आखिर किसकी अनुमति से वह मजिस्ट्रेट लिखी गाड़ी का उपयोग कर रहा था और क्यों उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई न की जाए।
इधर, स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस कार्रवाई को सही दिशा में कदम बताया है, लेकिन यह भी मांग उठाई है कि केवल नोटिस तक ही मामला सीमित न रहे, बल्कि दोषी पर कड़ी और उदाहरणात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
सूत्रों के अनुसार, प्रशासन अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहा है। वाहन के उपयोग, ईंधन खर्च और हूटर के दुरुपयोग के साथ-साथ अन्य अधिकारियों या कर्मचारियों की संभावित संलिप्तता भी जांच के दायरे में है।
फिलहाल पूरे प्रकरण पर प्रशासन की कड़ी नजर बनी हुई है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नोटिस के जवाब के बाद क्या ठोस कार्रवाई होती है या मामला फिर ठंडे बस्ते में चला जाता है।



