नीट में 640 अंक हासिल कर शिवम वर्मा ने किया कमाल, जिले में प्रथम स्थान से बढ़ाया मान

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अमेदा के होनहार ने NEET में शानदार सफलता हासिल कर मेडिकल क्षेत्र की ओर बढ़ाया कदम, पूरे जनपद में खुशी की लहर

अवधी खबर संवाददाता
टाण्डा, अम्बेडकरनगर।

टाण्डा तहसील क्षेत्र के अमेदा गांव के होनहार छात्र शिवम वर्मा ने नीट (NEET) 2026 परीक्षा में 720 में से 640 अंक प्राप्त कर जनपद में प्रथम स्थान हासिल किया है। इस उल्लेखनीय सफलता के साथ शिवम ने न केवल अपने परिवार का सपना साकार किया, बल्कि पूरे अम्बेडकरनगर का नाम भी रोशन किया है। उनकी उपलब्धि पर क्षेत्र में खुशी का माहौल है और बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

ग्राम अमेदा निवासी स्वर्गीय संजय वर्मा के पुत्र शिवम वर्मा ने अपनी सफलता का श्रेय माता मंजू वर्मा, गुरुजनों, बड़े भाई रणविजय वर्मा, भाई राजन वर्मा तथा परिवार के अन्य सदस्यों के सहयोग और मार्गदर्शन को दिया। शिवम ने कहा कि उनका सपना केवल डॉक्टर बनना नहीं, बल्कि गरीब और जरूरतमंद लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराकर मानवता की सेवा करना है।

उन्होंने भावुक होकर कहा कि उनके पिता स्वर्गीय संजय वर्मा का सपना था कि उनका बेटा डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करे। नीट में मिली सफलता उसी सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

शिवम के बड़े भाई एवं व्यवसायी रणविजय वर्मा ने कहा कि यह सफलता वर्षों की मेहनत, अनुशासन और परिवार के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि शिवम की उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी और अन्य छात्र भी इससे उत्साहित होकर अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ेंगे।

शिवम ऐसे परिवार से आते हैं, जिसकी समाज में सम्मानित पहचान रही है। उनकी माता मंजू वर्मा गृहिणी हैं, जबकि पिता स्वर्गीय संजय वर्मा ईंट-भट्ठा एवं मिल व्यवसाय से जुड़े रहे। सीमित संसाधनों के बावजूद शिवम ने कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर यह मुकाम हासिल किया।

शिवम की इस उपलब्धि पर पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष एवं टाण्डा विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी कपिल देव वर्मा सहित जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों और क्षेत्रवासियों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि शिवम वर्मा की सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत ईमानदारी से की जाए और आत्मविश्वास बना रहे, तो ग्रामीण परिवेश से निकलकर भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में शीर्ष स्थान हासिल किया जा सकता है। अब पूरे जनपद को उस दिन का इंतजार है, जब अमेदा का यह होनहार बेटा सफेद कोट पहनकर चिकित्सा सेवा के माध्यम से समाज की सेवा करेगा।


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