अम्बेडकरनगर। धान क्रय केंद्र में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मामले में दर्ज एफआईआर में अब गंभीर धाराएं भी जोड़ दी गई हैं। खबर प्रकाशित होने के बाद दर्ज हुए मुकदमे में शुरूआत में कुछ महत्वपूर्ण धाराएं शामिल न किए जाने का मामला सामने आने पर पुलिस महकमे में हलचल मच गई। बाद में पुलिस ने छूटी हुई धाराओं को जोड़कर विवेचना शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, मुकदमा दर्ज होने के बाद यह तथ्य सामने आया कि एफआईआर में कुछ आवश्यक कानूनी धाराएं शामिल नहीं की गई थीं। इस संबंध में थाना प्रभारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। इसके बाद क्षेत्राधिकारी से भी संपर्क किया गया, किंतु उनका भी फोन रिसीव नहीं हुआ।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया गया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से जानकारी दी गई कि मुकदमे में छूटी हुई धाराओं को अगले दिन सुबह जोड़ दिया गया है और उन्हीं धाराओं के तहत विवेचना आगे बढ़ाई जा रही है।
बाद में थाना प्रभारी से हुई बातचीत में उन्होंने भी पुष्टि की कि 16 जुलाई 2026 को मुकदमे में अतिरिक्त धाराएं बढ़ा दी गई हैं और मामले की विवेचना उनके द्वारा की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, अब मुकदमे में आपराधिक विश्वासघात तथा आवश्यक वस्तुओं की सरकारी खरीद, भंडारण एवं वितरण से जुड़े नियमों के कथित उल्लंघन से संबंधित प्रावधान भी शामिल कर दिए गए हैं। इन धाराओं के तहत दोष सिद्ध होने पर कठोर दंड का प्रावधान है।
उल्लेखनीय है कि धान खरीद में कथित अनियमितताओं को लेकर खबर प्रकाशित होने के बाद मुकदमा दर्ज हुआ था। अब गंभीर धाराएं जुड़ने के बाद इस मामले में नामजद दुर्गा प्रसाद पांडेय की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। वहीं जांच के दौरान अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है या नहीं तथा पुलिस आगे क्या कार्रवाई करती है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।




