कोर्ट ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का दिया आदेश
अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर। टांडा के देवहट मुरलीपुर के सम्पत की गांव में पुश्तैनी भू-संपत्ति स्थित है। 2008 में कोर्ट ने सम्पत के पक्ष में फैसला आया। न्यायालय के आदेश पर राजस्व व पुलिस की संयुक्त टीम ने कब्जामुक्त कराकर भूमि के चारो तरफ बांस-बल्ली कटीले तार लगाया।
अप्रैल 2026 को दबंग विपक्षी श्यामनरायण, कुंवर आदर्श, निर्मला, राकेश कुमार, नीरज, फूलादेवी, भगवत प्रसाद, चिन्तामणि, दुर्गावती, राममिलन, बडडादेवी, जितेन्द्र, मिथलेश, ज्योति व निशादेवी समेत 16 लोगों ने जबरन बास-बल्ली व कटीले तार उखाड़ कब्जा कर लिया। पीडित पहुंचा तो सभी लोग गाली देते हुए जान से मारने के लिए दौडाया। तब पीडित भागकर अपने घर में छिपा तो सभी घर में घुसकर पूरे परिवार को मारापीटा। जिससे सभी को चोटे आई। गांव के लोगों ने बीच बचाव किया तो सभी जान से मारने की धमकी देते चले गए।
सूचना पर डायल 112 पुलिस टीम पहुंची, जांच पडताल कर वापस चली गई। पीडित ने टांडा थाना में शिकायती पत्र दिया, लेकिन विपक्षी के प्रभाव में कार्रवाई नहीं हुई। विपक्षीगण लगातार भूमि पर कब्जा कर जान से मारने की धमकी देते है। पुलिस में सुनवाई नहीं हुई तो पीडित ने थक हारकर कोर्ट का सहारा लिया। न्यायालय ने अधिवक्ता सुरेंद्र मोहन व लालबहादुर के तर्कों को सुनकर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। कोतवाल दीपक रघुवंशी ने बताया कि न्यायालय के आदेश के अनुपालन में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।




