अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर।
थाना कोतवाली क्षेत्र के बैरमपुर बरवा (बनगांव रोड) गांव में एक किसान के पुराने यूकेलिप्टस के पेड़ को जानबूझकर सूखाने की साजिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित किसान विनोद कुमार वर्मा ने आरोप लगाया है कि उनके पड़ोसी द्वारा पेड़ की जड़ों में यूरिया खाद और अन्य हानिकारक रसायन डालकर पेड़ को नुकसान पहुंचाया गया।
पीड़ित ने इस मामले की शिकायत रविवार को कोतवाली अकबरपुर में दी थी, लेकिन हैरानी की बात यह है कि घटना के कई दिन बाद भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची है। इससे ग्रामीणों में पुलिस प्रशासन को लेकर गहरी नाराजगी देखी जा रही है। किसान ने यह भी बताया कि उसने शनिवार को तहसील दिवस में भी शिकायती पत्र दिया, लेकिन वहां से भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
विनोद कुमार वर्मा ने बताया कि जब पेड़ की पत्तियां मुरझाने लगीं तो उन्हें शक हुआ। खुदाई कराने पर पाया कि जड़ों में जानबूझकर यूरिया व अन्य केमिकल डाले गए हैं और ऊपर से मिट्टी डालकर सबूत छिपाने की कोशिश की गई है। इसकी जानकारी तुरंत 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को दी गई, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल
पीड़ित ने सवाल उठाया कि जब बार-बार शिकायती पत्र देने के बावजूद पुलिस और प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, तो फिर आम नागरिकों को न्याय कैसे मिलेगा? उन्होंने कहा कि पेड़ उनके खेत की सीमा चिह्नित करता है और उसे नुकसान पहुंचाना उनकी राजस्व संपत्ति को सीधा नुकसान पहुंचाने के बराबर है।
ग्रामीणों में आक्रोश, दोषी पर कार्रवाई की मांग
घटना को लेकर ग्रामीणों में भी रोष है। लोगों ने इस हरकत की निंदा करते हुए प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि सामाजिक सौहार्द भी बिगाड़ती हैं।
यह मामला प्रशासनिक निष्क्रियता और पर्यावरणीय अपराध का एक संवेदनशील उदाहरण बन गया है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती है, तो भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकी नहीं जा सकेगी। इस मामले पर लगातार समाचार पत्र नजर बनाए रखेगा और प्रशासन की अगली कार्रवाई से जनता को अवगत कराता रहेगा।





