अवधी खबर संवाददाता
अयोध्या।
जनपद अयोध्या के रसूलाबाद क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत चाचिकपुर में चल रहे सप्त दिवसीय संगीतामृत श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के पाँचवें दिन पूरा परिसर भक्ति, आध्यात्मिकता और भाव-विभोर माहौल से गूँज उठा। कार्यक्रम पूज्य संत दयारामदास महाराज के सानिध्य में आयोजित हो रहा है।

कथा व्यास आचार्य डॉ. प्रभाकांत त्रिपाठी ने श्रीकृष्ण की दिव्य बाल लीलाओं का मनोहारी वर्णन प्रस्तुत करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म के तुरंत बाद ही धर्म की स्थापना हेतु पूतना, वकासुर, शकटासुर, तृणावर्त, वात्सासुर आदि महादैत्याओं का वध कर लोक कल्याण की दिशा में पहला कदम बढ़ाया। आचार्य ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मनुष्य के पापों का नाश कर उसे भक्ति और ज्ञान के मार्ग पर आगे बढ़ाता है।
रामचरितमानस व्यास मानस माधुरी सुनीता शास्त्री ने भक्त शबरी की प्रतीक्षा, प्रेम और समर्पण का हृदयस्पर्शी वर्णन किया। उन्होंने शबरी-राम मिलन और प्रभु के प्रति उनके समर्पण को भावपूर्ण शैली में प्रस्तुत किया। साथ ही लक्ष्मण द्वारा सूर्पणखा के नाक-कान काटने के प्रसंग को भी मार्मिक व्याख्या के साथ श्रोताओं तक पहुँचाया।
मधुर भजनों और संगीत से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। उपस्थित श्रद्धालु कथा, भजन और आध्यात्मिक प्रवाह में डूबकर भाव-विभोर होते रहे।
कार्यक्रम के अंत में अयोध्या धाम से पधारे पंडित अभिषेक एवं पंडित अश्वनी ने विधिवत आरती संपन्न कराई। राम यज्ञ तिवारी, राम अजोर तिवारी, श्री निवास तिवारी, हरिनिवास तिवारी, पुलकित तिवारी, अवनी तिवारी और यूआन तिवारी सहित भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।