अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकर नगर।
जिले में फार्मर रजिस्ट्री तैयार कराने की प्रक्रिया किसानों के लिए बड़ी मुसीबत बनती जा रही है। दस्तावेजों में नाम संबंधी त्रुटियाँ किसानों की सबसे बड़ी बाधा बन गई हैं, जिसके चलते हजारों किसानों की रजिस्ट्री पोर्टल पर सत्यापन चरण में ही अटक रही है।
सूत्रों के मुताबिक बड़ी संख्या में किसानों के आधार कार्ड, बैंक पासबुक, खतौनी, राजस्व अभिलेख और राशन कार्ड में नाम अलग-अलग तरीके से दर्ज हैं। कहीं स्पेलिंग गलत है, तो कहीं पिता का नाम या उपनाम मेल नहीं खाता। ऐसे में सिस्टम आवेदन को आगे नहीं बढ़ा पा रहा।
किसानों का कहना है कि वे कई महीनों से राजस्व विभाग, बैंक और सीएससी केंद्रों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन नाम संशोधन की प्रक्रिया धीमी होने के कारण समस्या हल नहीं हो रही। कई किसानों की फाइलें महीनों से लंबित पड़ी हैं।

फार्मर रजिस्ट्री न बनने से किसान खाद सब्सिडी, बीज अनुदान, पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त, फसल बीमा और कृषि विभाग की अन्य योजनाओं से वंचित हो रहे हैं। कई किसानों ने बताया कि त्रुटियों के कारण उन्हें लाभ समय से नहीं मिल पा रहा, जबकि कृषि कार्य बिना सहायता के और कठिन होता जा रहा है।
किसानों की प्रशासन से मांग की है कि नाम संशोधन प्रक्रिया को तेज और सरल बनाया जाए।
ग्राम स्तर पर विशेष कैंप लगाकर दस्तावेज़ों की त्रुटियाँ सुधारी जाएँ। राजस्व विभाग और सीएससी केंद्रों के बीच मजबूत समन्वय स्थापित किया जाए।
लंबित मामलों के निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। किसानों का कहना है कि जब तक नाम मिलान संबंधी दिक्कतों का समाधान नहीं होगा, तब तक फार्मर रजिस्ट्री योजना का वास्तविक लाभ किसानों तक पहुँचना संभव नहीं होगा।
