टांडा पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार, युवाओं को नौकरी का झांसा देकर भेजते थे विदेश
अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर (प्रमोद वर्मा)।
टांडा कोतवाली पुलिस ने मानव तस्करी और साइबर फ्रॉड से जुड़े एक गिरोह का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी मो. खलील निवासी रसूलपुर मुबारकपुर और मो. साद निवासी येदिलपुर अतरौलिया, आजमगढ़ पर आरोप है कि वे कंप्यूटर जानने वाले युवकों को लुभाकर उन्हें लाओस और थाईलैंड भेजकर साइबर स्लेवरी में धकेलते थे।
उप निरीक्षक राहुल पांडेय की टीम ने दोनों को 18 नवंबर की रात फुलवरिया हाईवे के पास गिरफ्तार किया। दोनों के खिलाफ थाना टांडा में मानव तस्करी व धोखाधड़ी के तहत मुकदमा दर्ज है।
जनता दर्शन में उजागर हुआ मामला
अयोध्या निवासी आफताब आलम ने पुलिस अधीक्षक से जनता दर्शन में शिकायत करते हुए बताया कि खलील और साद ने उसे अच्छी नौकरी का झांसा देकर लाओस भेजा। वहां उसे एक होटल में ठहराया गया और रात में बॉर्डर पार कराकर गोल्डन ट्रायंगल में कंप्यूटर वर्क कराने की बात कही गई।
होटल से बाहर निकलते ही आफताब को तीन युवक मिले, जिन्होंने बताया कि उन्हें नौकरी के नाम पर लाकर एक बिल्डिंग में कैद कर साइबर फ्रॉड कराया जा रहा है। विरोध करने पर मारपीट की जाती है। यह सुन आफताब किसी तरह वहाँ से भागकर एयरपोर्ट पहुँचा और भारत लौट आया।
एयरपोर्ट पर भी आरोपी साद ने उसे फोन कर वापस बुलाने की कोशिश की और एक महिला को उसे लेने भेजा। उससे पासपोर्ट देने के बदले पैसा और अन्य लालच देने की बात भी कही गई।
मोबाइल व दस्तावेजों की जांच में पुख्ता साक्ष्य मिले
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए जिसमे खलील के मोबाइल से आफताब को विदेश भेजने से जुड़ी चैट, वीजा, पासपोर्ट और टिकट बरामद हुए। खलील ने स्वीकार किया कि हर युवक को साइबर कंपनी में भेजने पर उसे 40 से 50 हजार रुपए तक मिलने थे। बैंक स्टेटमेंट में साद द्वारा खलील को भेजा गया 10 हजार रुपए एडवांस भी मिला।
साद के फोन में साइबर फ्रॉड कंपनियों के एचआर मैसेज, कॉल सेंटर के लिए युवकों की भर्ती से संबंधित चैट, तथा गोल्डन ट्रायंगल एसईजेड में आवाजाही के प्रमाण मिले।
एक ऑडियो में गिरोह का सदस्य बता रहा है कि एक कंपनी में क्लाइंट फँसाने पर 30 प्रतिशत प्रोफिट तक मिलता है, आगे का काम मॉडल और लड़कियां करती हैं। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी साइबर स्लेवरी व मानव तस्करी में शामिल थे और युवाओं को झांसा देकर विदेश भेजते थे। आरोपी मो. साद की निशान देही पर पुलिस ने 1 एप्पल आईफोन,1 क्रेडिट कार्ड, 1 पासपोर्ट, 1 आधार कार्ड, 3 हवाई जहाज टिकट बरामद किए। पुलिस ने दोनों आरोपियों को आवश्यक कार्रवाई पूरी कर अदालत भेज दिया है जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।





