अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर।
इब्राहिमपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सभा सलोना घाट में बुधवार को ज़मीन के विवाद को लेकर दो पक्षों में हुई मारपीट ने पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना दिया। बांस कटाई को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद अचानक हिंसक रूप ले बैठा, जिसमें चार लोग घायल हो गए। इनमें दो की हालत गंभीर है और दोनों का जिला अस्पताल अकबरपुर में उपचार चल रहा है। अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

घटना के अनुसार, विनोद मांझी की भूमि पर लगे बांस को बिना अनुमति काटे जाने की जानकारी मिलते ही विनोद मांझी, उनकी पत्नी संगीता, रजनी पत्नी प्रमोद और शालिनी पुत्री विनोद ने मौके पर पहुंचकर आपत्ति जताई। इसी बीच आरोप लगाया गया कि खदेरू मांझी, अमित मांझी, रेखा और दिलीप यादव ने आपत्ति करने पर गाली-गलौज शुरू कर दिया और लाठी-डंडों व धारदार हथियारों से हमला कर दिया।

हमले में चारों को गंभीर चोटें आईं। शालिनी और रजनी का प्राथमिक उपचार सीएचसी टांडा में किया गया, जबकि विनोद और संगीता को गंभीर स्थिति में जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों ने उनकी हालत चिंताजनक बताई है।
पीड़ित पक्ष ने इब्राहिमपुर थाने में तहरीर देकर कठोर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। खबर लिखे जाने तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी।
…..महिलाओं पर हमले से उठा सवाल- सशक्तिकरण की दिशा में अब भी लंबा सफर…..
घटना में महिलाओं के घायल होने से ग्रामीणों में आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भूमि विवाद में महिलाओं पर हमला न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल उठाता है, बल्कि महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के दावों की भी पोल खोलता है। पीड़ित महिलाएँ अपने परिवार की ज़मीन की रक्षा के लिए आगे आईं, लेकिन उनके साथ हुई मारपीट से यह स्पष्ट होता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं का आत्मविश्वास और हक़ अभी भी सुरक्षित नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी घटनाएँ यह संदेश देती हैं कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस और प्रशासन को और अधिक संवेदनशील तथा सक्रिय होने की आवश्यकता है। जब इस संबंध में इब्राहिमपुर थाना अध्यक्ष रितेश पांडेय से बात करने का प्रयास किया गया तो उनका फोन नहीं रिसीव हो सका।





