दो राजस्व अधिकारियों में भिड़ंत से मचा हड़कंप, बसखारी–हरैया भूमि विवाद फिर सुर्खियों में

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अम्बेडकर नगर( प्रमोद वर्मा)। तहसील टांडा के बसखारी–हरैया क्षेत्र में अवैध कब्जे को लेकर दो राजस्व विभाग के अधिकारियों के बीच विवाद ने ज़ोर पकड़ लिया है। कानूनगो रामनारायण गौड़ और राजस्व अभिषेक यादव के बीच हुई तीखी नोकझोंक और मारपीट के प्रयास के आरोपों ने पूरे प्रशासनिक महकमे में हलचल पैदा कर दी है। मामला सामने आते ही यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और चर्चा का विषय बन गया।


कानूनगो रामनारायण गौड़ ने जिलाधिकारी को दिए लिखित प्रार्थना–पत्र में आरोप लगाया है कि हरैया स्थित गाटा संख्या 221 (नवीन परती, क्षेत्रफल 0.364 हे.) तथा चकमार्ग गाटा संख्या 222 (0.047 हे.) पर भूमाफियाओं द्वारा अवैध कब्जा कराया जा रहा था। शिकायत मिलने पर तहसीलदार टांडा के आदेश दिनांक 16अक्टूबर10/ 2025 के अनुसार गठित टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच व सीमांकन किया, जिसमें यह पाया गया कि उग्रसेन पुत्र रामकुबेर सिंह सहित अन्य व्यक्तियों द्वारा उक्त भूमि पर कब्जा किया जा रहा था।


कानूनगो रामनारायण गौड़ का आरोप है कि कब्जा हटवाने के आदेश के बावजूद अभिषेक यादव ने कब्जाधारियों को संरक्षण दिया तथा कब्जा रुकवाने के बजाय उनसे विवाद करने लगे। गौड़ के अनुसार, अभिषेक यादव ने उन पर झपट्टा मारा और उनके वाहन चालक श्रवण मौर्य की भी पिटाई की। मौके पर मौजूद लोगों के हस्तक्षेप से दोनों की जान बच सकी।


उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अभिषेक यादव लगातार उन्हें धमकी दे रहा है और भूमाफियाओं से मिलकर किसी अप्रिय घटना को अंजाम देने की साजिश में शामिल है। इन आरोपों के आधार पर जिलाधिकारी ने अभिषेक यादव को निलंबित कर दिया है।

मीडिया पड़ताल में निकली दूसरी तस्वीर

मीडिया पड़ताल के दौरान सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, घटनाक्रम का दूसरा पहलू सामने आता है। सूत्रों का दावा है कि जिन गाटों पर अवैध कब्जा था, उन्हें हटाने के लिए गठित टीम — जिसमें कानूनगो रामनारायण गौड़, लेखपाल अभिषेक यादव और पुलिसकर्मी शामिल थे — मौके पर कब्जा हटवाने की कोशिश कई बार की गई।
सूत्र बताते हैं कि कब्जा हटवाने में देरी और हिलाहवाली स्वयं कानूनगो रामनारायण गौड़ की ओर से की गई, और टीम तीन बार मौके पर पहुंचने के बावजूद कार्रवाई पूर्ण नहीं हो सकी। इसी मुद्दे को लेकर दोनों अधिकारियों के बीच विवाद बढ़ा, जो बाद में गंभीर रूप ले लिया।

जाँच के निर्देश की चर्चा तेज

क्षेत्रीय प्रशासनिक हलकों में अब सवाल उठ रहा है कि जिले के उच्च अधिकारी क्या इस मामले की वास्तविकता तक पहुंचने के लिए निष्पक्ष जांच कराएंगे। राजस्व विभाग में दो अधिकारियों के बीच इस तरह की सार्वजनिक भिड़ंत ने विभाग की कार्यशैली पर भी प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।

मीडिया के पड़ताल में जल्द ही अतिक्रमण हटवाने गये कानूनगो की भी वीडियो हो सकता है वायरल


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