अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर।
आलापुर स्थित श्रीमती गायत्री देवी आयुर्वेदिक चिकित्सालय के नाम परिवर्तन को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। जानकारी के अनुसार इस चिकित्सालय का उद्घाटन 07 दिसंबर 1995 को तत्कालीन राज्यपाल मोतीलाल बोरा द्वारा किया गया था। उस समय यह चिकित्सालय श्रीमती गायत्री देवी आयुर्वेदिक चिकित्सालय, आलापुर के नाम से स्थापित हुआ था।
बाद में जिला फैजाबाद के विभाजन के बाद जनपद अम्बेडकर नगर के गठन पर चिकित्सालय का नाम स्वाभाविक रूप से श्रीमती गायत्री देवी आयुर्वेदिक चिकित्सालय, आलापुर, अम्बेडकर नगर हो गया।
लेकिन हाल ही में चिकित्सालय का नाम बदलकर राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय, आलापुर कर दिया गया, जबकि इसके लिए किसी भी प्रकार का शासनादेश या सक्षम अधिकारी का आदेश जारी नहीं किया गया।
इस पूरे मामले का खुलासा सूचना का अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त जानकारी से हुआ है। आरटीआई में स्पष्ट हुआ कि नाम परिवर्तन से संबंधित कोई वैधानिक आदेश उपलब्ध नहीं है, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि गायत्री देवी, आलापुर क्षेत्र के विकास पुरुष कहे जाने वाले स्व. सालिक राम शुक्ला की माता थीं। उनके सम्मान में ही चिकित्सालय का नाम रखा गया था। न केवल नामकरण बल्कि चिकित्सालय का उद्घाटन भी तत्कालीन राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति द्वारा किया गया था, जिससे इसकी ऐतिहासिक और सामाजिक महत्ता और भी बढ़ जाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना किसी वैधानिक आदेश के नाम परिवर्तन का कोई औचित्य नहीं बनता। यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि क्षेत्र के इतिहास और जनभावनाओं की भी अनदेखी है। अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर किसके आदेश पर नाम बदला गया? क्या इसके पीछे कोई प्रशासनिक लापरवाही या दुर्भावना है? मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
