अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर। भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे निरंतर हमलों और अत्याचारों की आग अब भारत के अम्बेडकरनगर तक पहुंच गई है। वहां हो रही हिंसा के विरोध में आज स्थानीय समाज सेवी बरकत अली के नेतृत्व में 25 दिसंबर को जोरदार प्रदर्शन किया गया और विरोध स्वरूप पुतला दहन किया गया।
जोरदार नारेबाजी और प्रदर्शन कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने समाजसेवी बरकत अली और उनके समर्थकों ने एकत्र होकर बांग्लादेश में हो रही घटनाओं पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया।
प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश में कट्टरपंथियों द्वारा हिंदुओं के घरों और मंदिरों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। आक्रोशित भीड़ ने बीच चौराहे पर पुतला फूंका और अपना विरोध दर्ज कराया।
इस मौके पर मीडिया से बात करते हुए बरकत अली ने कहा कि अन्याय और अत्याचार का कोई धर्म नहीं होता। उन्होंने कहा, “बांग्लादेश में हमारे हिंदू भाइयों और बहनों पर जो जुल्म हो रहा है, वह मानवता पर कलंक है। एक समाज सेवी और इंसान होने के नाते, मैं इस हिंसा की कड़ी निंदा करता हूं। हम भारत सरकार से मांग करते हैं कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बनाकर वहां के अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।”
भाईचारे का दिया संदेश
बरकत अली ने अपने प्रदर्शन के जरिए यह संदेश भी दिया कि भारत में सभी समुदाय एकजुट हैं और किसी भी धर्म के लोगों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाना हर नागरिक का कर्तव्य है। इस प्रदर्शन में संग्राम राजभर सहित अन्य बड़ी संख्या में स्थानीय युवा और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे, जिन्होंने एक स्वर में बांग्लादेश में शांति बहाली की अपील की।





