अंबेडकरनगर। जिले में एम्बुलेंस सेवा की बदहाली एक बार फिर सामने आई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भीटी से जिला अस्पताल अंबेडकरनगर के लिए रेफर की गई एक वृद्ध महिला को लगभग डेढ़ घंटे तक 108 और 1076 कॉल सेंटर पर लगातार फोन लगाने के बावजूद एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई। इलाज में देरी और परिवहन के अभाव में वृद्ध महिला ने अंततः अस्पताल परिसर में ही दम तोड़ दिया।
मामला भीटी विकासखंड के अढनपुर गांव का है। गांव निवासी स्वर्गीय राम नवल की पत्नी की तबीयत अचानक बिगड़ने पर उनके पुत्र गुरुचरण उन्हें सीएचसी भीटी लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल जिला अस्पताल अंबेडकरनगर के लिए रेफर कर दिया। इसके बाद गुरुचरण ने एम्बुलेंस के लिए 108 और 1076 हेल्पलाइन नंबरों पर लगातार संपर्क किया, लेकिन करीब डेढ़ घंटे बीत जाने के बावजूद कोई एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी।
परिजनों का आरोप है कि समय पर एम्बुलेंस मिल जाती तो वृद्ध महिला की जान बचाई जा सकती थी। एम्बुलेंस के इंतजार में ही मरीज की हालत और बिगड़ती चली गई और अंततः अस्पताल परिसर में ही उनकी मौत हो गई।
उल्लेखनीय है कि जिले में कुल 52 एम्बुलेंस उपलब्ध हैं, जिनमें 26 एम्बुलेंस 108 सेवा और 26 एम्बुलेंस 102 सेवा के अंतर्गत बताई जाती हैं। इसके बावजूद गंभीर मरीजों को समय पर एम्बुलेंस न मिलना स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई एम्बुलेंस कथित तौर पर गैर-जरूरी या फर्जी कॉल्स में व्यस्त रहती हैं, जिससे वास्तविक जरूरतमंद मरीजों को समय पर सुविधा नहीं मिल पाती और ऐसे दुखद हादसे सामने आते रहते हैं।
घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। लोगों ने प्रशासन से एम्बुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी और मरीज को इस तरह अपनी जान न गंवानी पड़े।
