बस्ती। भ्रष्टाचार के एक मामले में उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के प्रबंधक नवीन सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सीबीआई की टीम ने मंगलवार को बैंक पहुंचकर करीब चार घंटे तक उनसे पूछताछ की, जिसके बाद देर शाम उन्हें अपने साथ लेकर चली गई।
परशुरामपुर थाना क्षेत्र के पांवड़ निवासी सचिन मौर्या पुत्र पवन कुमार मौर्या की मखौड़ाधाम स्थित बेरता चौराहे पर दुकान है। उन्होंने मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में पांच लाख रुपये के ऋण के लिए आवेदन किया था। बैंक से उन्हें अब तक दो लाख 72 हजार रुपये की राशि प्राप्त हो चुकी है।
आरोप है कि शेष धनराशि जारी करने के एवज में बैंक कर्मचारी अनिल द्वारा 15 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की गई। इस संबंध में सचिन मौर्या ने लखनऊ स्थित पुलिस अधीक्षक, सीबीआई कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत के आधार पर सीबीआई अधिकारी वी.के. सिंह के नेतृत्व में एक टीम बैंक पहुंची, जिसमें क्षेत्राधिकारी (सीओ), दो निरीक्षक एवं एक उप निरीक्षक शामिल थे। सीबीआई अधिकारियों ने रिश्वत मांगने के आरोप को लेकर बैंक प्रबंधक से विस्तृत पूछताछ की। इस दौरान उनकी संपत्ति से संबंधित जानकारी के साथ-साथ अन्य ऋण आवेदनों की भी जांच की गई।
परशुरामपुर थानाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने बताया कि सीबीआई टीम ने बैंक परिसर में ही बैंक प्रबंधक को बैठाकर लगभग चार घंटे तक पूछताछ की। इसके बाद आवश्यक लिखापढ़ी पूरी कर उन्हें अपने साथ लेकर चली गई। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में थाने पर कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।