अवधी खबर संवाददाता
टांडा अम्बेडकरनगर।
तहसील टांडा क्षेत्र के ग्राम सुलेमपुर परसावा स्थित गाटा संख्या 556 को लेकर प्रशासनिक विवाद लगातार गहराता जा रहा है। उक्त प्रकरण में खातेदार किसान सुभाष चंद्र पुत्र राम निहाल ने क्षेत्रीय लेखपाल पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं।
पीड़ित का कहना है कि गाटा संख्या 556 उन्हें अपने पिता से वरासत में प्राप्त हुई है और यही उनकी एकमात्र कृषि भूमि है। वर्ष 2004 में उपजिलाधिकारी के आदेश से हुई अदला-बदली को लेकर मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है, लेकिन अब तक इस संबंध में किसी भी प्रकार का स्थगन आदेश पारित नहीं हुआ है।
आरोप है कि विपक्षी पक्ष द्वारा पहले भूमि पर अवैध रूप से दीवार का निर्माण कर लिया गया, जिस पर न तो प्रशासन और न ही पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई की गई। वहीं जब खातेदार ने अपनी खतौनी भूमि पर निर्माण कार्य प्रारंभ किया तो क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा बिना किसी न्यायालयीय आदेश के लिखित रूप से निर्माण रोकने का निर्देश चस्पा कर दिया गया।
पीड़ित ने प्रश्न उठाया है कि जब मामले में कोई स्टे आदेश नहीं है, तो लेखपाल को इस प्रकार का एकतरफा आदेश जारी करने का अधिकार किस नियम अथवा कानून के अंतर्गत प्राप्त है। साथ ही लेखपाल पर धमकाने और विपक्ष को संरक्षण देने के भी आरोप लगाए गए हैं।
खातेदार सुभाष चंद्र ने उच्चाधिकारियों से प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर लेखपाल के विरुद्ध आवश्यक दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। यह मामला ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक कार्यप्रणाली और निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
उधर, इस संबंध में उपजिलाधिकारी टांडा शशि शेखर से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।