छत्रपति शिवाजी महाराज एक महान योद्धा के साथ ही कुशल रणनीतिकार भी थे : कामा जी राव

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अवधी खबर संवाददाता

वाराणासी। सरदार वल्लभभाई पटेल स्मारक अतिथि निवास,तेलियाबाग, वाराणसी में छत्रपति शिवाजी महाराज की 395 वीं जयंती शिवाजी सभागार में उल्लासपूर्ण ढंग से मनाई गई।छत्रपति शिवाजी एवं जिजाऊ माता के तैल चित्र पर अतिथियों एंव स्मारक के सभी पदाधिकारियों ने माल्यार्पण कर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मराठा सेवा संघ के अध्यक्ष कामा जी राव ने बहुत ही विस्तृत रूप से शिवाजी महाराज जी के व्यक्तित्व की विशालता और विलक्षणता की चर्चा किया। उनके साहस,शूरवीरता,साम्राज्य सहित अनेक पहलुओं पर अपना उदबोधन दिया,और कहा कि उनके शासनकाल में राजस्व और अर्थ व्यवस्था बहुत सुदृढ़ थी। साथ ही समाज मे व्याप्त अनेक बुराइयों की ओर भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

राष्ट्रीय किसान नेता अविनाश कांकड़े ने महाराज शिवाजी की किसान नीति के बारे में विस्तार पूर्वक बताया और कहा कि वे सही मायने में प्रजा प्रतिपालक थे,भूमि की सही माप और गणना कराई,माप के लिए रस्सी के स्थान पर लठ का प्रयोग किया,ताकि जमीन की सही नापी हो सके। मराठा इतिहासकार डॉ. चन्द्रशेखर शिखरे ने छत्रपति के शौर्य, पराक्रम और सूझबूझ का उल्लेख करते हुए,उन्हें महान कूटनीतिज्ञ राजा बताया और यह भी कहा कि छत्रपति जी गोरिल्ला युद्ध के विशेषज्ञ थे साथ ही अनेक अनछुए पहुलुओं पर प्रकाश डाला।राजदीप महाविद्यालय कैलहट के प्रबंधक इंजी. राज बहादुर सिंह ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज हिन्दवी स्वराज के संस्थापक थे,उनकी सेना में मुसलमानों सहित सभी जाति-धर्म के सेनापति और सैनिक थे। कुछ लोग उन्हें हिन्दू शासक के रूप में स्थापित करने का घृणित प्रयास कर रहे हैं,जो उचित नहीं है।

प्रो. ओ. पी. चौधरी ने शिवाजी महाराज को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उन्हें महान पराक्रमी,सूझ- बूझ वाला महायोद्धा बताते हुए उनके शासन को एक आदर्श, मानव कल्याणकारी और समावेशी राज्य बताया। समारोह की अध्यक्षता कर रहे पटेल स्मारक के अध्यक्ष रमेश सिंह ने शिवाजी महाराज के रणनीतिक कौशल और मुगलों के साथ हुए युद्धों का जिक्र करते हुए उनके बनाये गए किलों की अभियांत्रिकी का भी उल्लेख किया,और कहा कि अकाल के समय शिवाजी का आपदा प्रबंधन की नीति बहुत ही सराहनीय थी। सह मंत्री राजेश सिंह,इंजी राजीव सिंह गुड्डू, इंजी त्रिभुवन सिंह आदि ने भी अपने विचार रखे। अच्छे लाल वर्मा,जितेंद्र सिंह,राजीव पटेल,अखिलेश सिंह,विद्युत प्रकाश सिंह,डॉ भारत भूषण सिंह,डॉ राम लखन सिंह,राजेश दयाल (महाराष्ट्र), जितेंद्र पटेल सहित अनेक लोग उपस्थित रहे। अभ्यागतों का स्वागत स्मारक के मंत्री राजेश्वर पटेल,संचालन डॉ. श्रीपति सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन संस्था के कोषाध्यक्ष श्यामसुंदर सिंह कश्यप ने किया। इस अवसर पर डॉ चंद्रशेखर शिखरे एवं शिवमती ज्योति शिखरे द्वारा लिखित पुस्तक हिन्दवी स्वराज्य के संस्थापक कुर्मी कुल भूषण छत्रपति शिवाजी का विमोचन भी किया गया और उपस्थित जनों को वितरित भी की गई।


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