अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर।
विकासखंड बसखारी में ग्राम पंचायतों के माध्यम से सरकारी धन के कथित दुरुपयोग का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। पहले ग्राम पंचायत सचिव एकता यादव द्वारा बिना तिथि के बिल अपलोड कर भुगतान कराने का मामला सामने आया था, लेकिन अब जांच आगे बढ़ने पर इस पूरे प्रकरण में ग्राम पंचायत सचिव राजीव वर्मा की भूमिका को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। उन्हें इस कथित घोटाले का मुख्य सूत्रधार बताया जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 18 मार्च 2025 को ग्राम सभा बनियानी में अनन्या टेंडर्स से सामग्री क्रय दर्शाया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि इसी एक बिल के आधार पर ग्राम सभा बनियानी के साथ-साथ ग्राम सभा अरूसा आजमपुर के खाते से भी भुगतान निकाल लिया गया। एक ही बिल से दो अलग-अलग ग्राम सभाओं के खातों से धन निकासी ने पूरे लेन-देन को संदेह के घेरे में ला दिया है।

आरोप यहीं तक सीमित नहीं हैं। बताया जा रहा है कि अप्रैल 2025 में ग्राम सभा कोडरा के एक व्यक्ति के आधार कार्ड को ही बिल वाउचर के रूप में लगाकर भुगतान करा लिया गया। इस प्रक्रिया के तहत ग्राम सभा बनियानी के खाते से 11,292 रुपये और 21,000 रुपये की राशि निकाली गई। इसके अलावा बिना किसी वैध बिल अथवा वाउचर के 70,164 रुपये की अतिरिक्त निकासी का भी आरोप है।

अनन्या टेंडर्स को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक इस फर्म के नाम पर ग्राम पंचायतों में स्टेशनरी सामग्री कॉपी, किताब, किराना सामान तौलिया, झाड़ू, साबुन, मग से लेकर लोहे की सामग्री, बेरिंग, नल और पाइप तक की आपूर्ति दर्शाई गई है। एक ही फर्म से इतने विविध प्रकार के सामानों की खरीद दिखाया जाना पूरे मामले को और संदिग्ध बना रहा है।

स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक-दो ग्राम सभाओं तक सीमित नहीं है। संभावना जताई जा रही है कि ग्राम पंचायत सचिव राजीव वर्मा से जुड़ी अन्य ग्राम सभाओं में हुए कथित फर्जी भुगतान और अनियमितताओं का भी जल्द खुलासा हो सकता है। साथ ही उनके पूर्व में तैनात रहे विकासखंडों में कराए गए कार्यों की जांच की मांग भी तेज होती जा रही है।

मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। यदि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाती है, तो पंचायत स्तर पर हुए बड़े घोटाले का पर्दाफाश होना तय माना जा रहा है।