अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर। वृद्धावस्था में पेंशन बहाली के लिए एक बुजुर्ग पिछले कई महीनों से विभागीय कार्यालयों और अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर है। बार-बार शिकायत और आवश्यक दस्तावेज जमा करने के बावजूद अब तक उसकी पेंशन शुरू नहीं हो सकी है। परेशान बुजुर्ग ने तीसरी बार जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।
जलालपुर तहसील क्षेत्र के महुरा रसूलपुर गांव निवासी राम सुभग पुत्र पुत्र ढुनमुन राम ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि वह वृद्धावस्था पेंशन के पात्र लाभार्थी हैं और पूर्व में उन्हें नियमित रूप से पेंशन मिल रही थी। कुछ समय पूर्व उनकी पेंशन अचानक बंद हो गई। समाज कल्याण विभाग में जानकारी करने पर बताया गया कि उनकी पेंशन लॉक हो गई है तथा नया आय प्रमाण पत्र जमा करने के बाद इसे पुनः चालू कर दिया जाएगा।
पीड़ित के अनुसार उन्होंने 30 जनवरी 2026 को आय प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और बैंक पासबुक सहित सभी आवश्यक अभिलेख विभाग में जमा कर दिए थे। इसके बावजूद पांच माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पेंशन बहाल नहीं की गई। उनका आरोप है कि टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराने के बाद भी केवल निस्तारण रिपोर्ट लगाई जाती रही, जबकि ऑनलाइन पोर्टल पर अब भी पेंशन का स्टेटस ब्लाक दर्शाया जा रहा है।
राम सुभग ने बताया कि वह 6 अप्रैल और 25 मई 2026 को भी जिलाधिकारी के समक्ष शिकायती पत्र प्रस्तुत कर चुके हैं। दोनों बार समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों द्वारा शीघ्र पेंशन चालू कराने का आश्वासन दिया गया, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। अब निराश होकर उन्होंने 18 जून को तीसरी बार जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।
हृदय रोग से पीड़ित बुजुर्ग का कहना है कि आर्थिक तंगी के कारण उनके उपचार में भी कठिनाई आ रही है। उनका आरोप है कि विभागीय उदासीनता के चलते उन्हें वृद्धावस्था पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने जिलाधिकारी से पेंशन का लॉक तत्काल खुलवाकर भुगतान शुरू कराने तथा पूरे प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
मामला सामने आने के बाद यह देखना होगा कि प्रशासन बुजुर्ग की समस्या का समाधान कब तक करता है और उन्हें उनकी पेंशन का लाभ मिल पाता है या नहीं।




