बुनकरों की समस्याओं को लेकर सड़क पर उतरी सपा; विधायक बोले—जनता के उत्पीड़न की शिकायत मिली तो चुप नहीं बैठेंगे, अधिकारियों के पहुंचते ही हुआ समाधान
अवधी खबर संवाददाता
टाण्डा, अम्बेडकरनगर। बुनकर नगरी टाण्डा में बिजली विभाग की कथित मनमानी के खिलाफ समाजवादी पार्टी ने मोर्चा खोल दिया। कई दिनों से बिजली कनेक्शन काटे जाने, विजिलेंस टीम की अचानक छापेमारी और उपभोक्ताओं पर भारी-भरकम जुर्माना लगाए जाने को लेकर बुनकरों व आम जनता में पनप रहा आक्रोश आखिरकार आंदोलन में बदल गया। बड़ी संख्या में लोगों के साथ सपा विधायक राममूर्ति वर्मा धरने पर बैठ गए। विधायक के धरने पर बैठते ही बिजली विभाग और प्रशासनिक अमले में हलचल तेज हो गई।
धरने में बुनकरों ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग द्वारा बिना पर्याप्त पूर्व सूचना के कनेक्शन काटे जा रहे हैं और विजिलेंस की कार्रवाई के नाम पर उपभोक्ताओं को परेशान किया जा रहा है। लोगों का कहना था कि अचानक कार्रवाई और भारी जुर्माने से बुनकर परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो रहा है। कुछ लोगों ने मामलों के निस्तारण में कथित रूप से बिचौलियों की भूमिका के आरोप भी लगाए। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
‘जनता का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं’
धरने पर बैठे विधायक राममूर्ति वर्मा ने बिजली विभाग के अधिकारियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान करना विभाग की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि उपभोक्ताओं को नियमों के विपरीत परेशान किया गया तो समाजवादी पार्टी जनता की आवाज बनकर सड़क पर संघर्ष करेगी।
विधायक के कड़े तेवरों के बीच बुनकरों ने भी साफ ऐलान कर दिया कि जब तक जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर उनकी समस्याएं नहीं सुनते, तब तक धरना जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
अधिकारियों को बुलाने पर अड़े बुनकर
धरने के दौरान माहौल उस समय और गरमा गया जब बुनकरों ने अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग को लेकर जोरदार विरोध दर्ज कराया। लोगों का कहना था कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि बिजली संबंधी शिकायतों का नियमानुसार तत्काल समाधान होना चाहिए।
विधायक राममूर्ति वर्मा के कड़े रुख के बाद बिजली विभाग के अधिकारी हरकत में आए और मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से वार्ता की। अधिकारियों ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ। विभागीय अधिकारियों द्वारा समाधान किए जाने के बाद बुनकरों और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।
सपा नेताओं ने सरकार पर साधा निशाना
धरने के दौरान सपा नेताओं ने बिजली विभाग की कार्यशैली को लेकर प्रदेश सरकार पर भी निशाना साधा। नेताओं का कहना था कि सरकार आम जनता को राहत देने के दावे करती है, जबकि जमीनी स्तर पर उपभोक्ताओं को बिजली विभाग की कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। बुनकर नगरी टाण्डा में बिजली से जुड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान किए जाने की मांग भी उठाई गई।
धरने में सपा जिलाध्यक्ष जंग बहादुर यादव, मुजीब अहमद सोनू, रघुनाथ यादव, जफर हयात अंसारी, मुशीर आलम अंसारी, बदरुद्दोजा अंसारी सहित सैकड़ों बुनकर, स्थानीय नागरिक और सपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
टाण्डा में बिजली विभाग के खिलाफ हुए इस प्रदर्शन को सपा के स्थानीय स्तर पर बड़े जनआंदोलन की शुरुआत के रूप में भी देखा जा रहा है। फिलहाल अधिकारियों के आश्वासन के बाद धरना तो समाप्त हो गया, लेकिन बुनकरों का आक्रोश पूरी तरह शांत हुआ है या नहीं, यह आने वाले दिनों में विभाग की कार्रवाई से स्पष्ट होगा।



