प्रमोद कुमार वर्मा
अम्बेडकरनगर (अवधी खबर) । जिले में स्वच्छ भारत मिशन की जमीनी हकीकत सरकारी दावों से बिल्कुल अलग नजर आ रही है। कहीं सामुदायिक शौचालय महीनों से बंद पड़े हैं तो कहीं सफाई कर्मचारियों की तैनाती के बावजूद साफ-सफाई की व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। बरसात के मौसम में यह लापरवाही ग्रामीणों के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है।

कटेहरी विकासखंड की जिवधर ग्राम सभा में स्थित सामुदायिक शौचालय कई महीनों से बंद पड़ा है। शौचालय परिसर के बाहर घास-फूस बड़ी मात्रा में उग आई हैं, जबकि अंदर की स्थिति भी बेहद दयनीय है। लापरवाही का आलम यह है कि शौचालय के भीतर तक घास उग आई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि लंबे समय से इसकी साफ-सफाई और रखरखाव नहीं किया गया है।
बरसात के मौसम में झाड़ियों के कारण सांप-बिच्छू जैसे जहरीले जीवों का खतरा बना हुआ है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल है। यही नहीं, गांव के आरआरसी के आसपास भी घास-फूस का अंबार लगा हुआ है, जिससे पूरे परिसर की बदहाली साफ दिखाई दे रही है।
वहीं, रासलपारा गांव का सामुदायिक शौचालय भी कई दिनों से बंद पड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार समरसेबल से शौचालय की टंकी तक पानी पहुंचाने वाली पाइप टूट जाने व विद्युत का कनेक्शन न होने के कारण जलापूर्ति पूरी तरह ठप है। इसके चलते शौचालय उपयोग के लायक नहीं रह गया है और लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद संबंधित विभाग और ग्राम पंचायत की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि यदि जल्द ही शौचालयों को चालू कर नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था नहीं कराई गई तो स्वच्छ भारत मिशन का उद्देश्य केवल कागजों तक ही सीमित रह जाएगा।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से बंद पड़े सामुदायिक शौचालयों को तत्काल चालू कराने, टूटी पाइप की मरम्मत कराने तथा आरआरसी सेंटर और शौचालय परिसरों में नियमित साफ-सफाई कराने की मांग की है।




