अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर। अहिरौली थाना क्षेत्र के प्रतापपुर चमुर्खा मजरे मड़ियवा गांव में एक विद्यालय में दो बच्चों के बीच हुई कहासुनी ने देखते ही देखते बड़े विवाद का रूप ले लिया। बच्चों के विवाद के बाद दोनों पक्षों के परिजन आमने-सामने आ गए और जमकर मारपीट हुई। पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर क्रॉस एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, घटना 5 अगस्त की है। पहले पक्ष की ओर से मुकेश कुमार यादव ने दर्ज कराई गई तहरीर में आरोप लगाया कि उन्हें समझौते के लिए स्कूल बुलाया गया था, लेकिन वहां पहुंचते ही पहले से मौजूद लोगों ने गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों और धारदार हथियार से हमला कर दिया। उनका कहना है कि हमले में उनके सिर समेत शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। पुलिस ने तहरीर के आधार पर अजीत अनु और अनूप के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दूसरी ओर, रामनयन की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि विद्यालय में उनके पोते के साथ कहासुनी होने के बाद स्कूल के बाहर विपक्षी पक्ष ने हमला कर दिया। तहरीर में कई लोगों पर मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। इस मामले में भी पुलिस ने प्रिंस राकेश मुकेश विकास व विकास का एक अज्ञात साथी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
मुकेश कुमार यादव ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें समझौते के बहाने स्कूल बुलाकर सुनियोजित तरीके से हमला किया गया। उनका कहना है कि विपक्षी पक्ष का एक सदस्य एक मंत्री के यहां कार्यरत है, जिसके प्रभाव के कारण प्रशासन निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी पक्ष पहले भी गांव के कई लोगों को झूठे मुकदमों में फंसा चुका है तथा उनका एक परिजन लखनऊ में कार्यरत होने के कारण जिला स्तरीय अधिकारियों पर प्रभाव डालकर लोगों को परेशान करता है।
वहीं पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर मुकदमे दर्ज कर लिए गए हैं। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।




