अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर। कृषि विज्ञान केंद्र, पांती, अम्बेडकर नगर द्वारा 21वें गाजर घास उन्मूलन जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत विकासखंड कटेहरी स्थित सी.आर. इंटर कॉलेज, मंशापुर में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष के निर्देशन में आयोजित हुआ। इस दौरान शस्य वैज्ञानिक डॉ. प्रदीप कुमार कनौजिया, पशुपालन वैज्ञानिक डॉ. प्रशांत कुमार एवं प्रसार वैज्ञानिक डॉ. रेखा ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को गाजर घास के दुष्प्रभावों तथा इसके प्रभावी प्रबंधन के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
वैज्ञानिकों ने बताया कि गाजर घास एक अत्यंत हानिकारक एवं आक्रामक खरपतवार है, जो मानव स्वास्थ्य, पशुओं, कृषि फसलों और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। इसके संपर्क में आने से त्वचा संबंधी एलर्जी, खुजली तथा श्वसन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को गाजर घास की पहचान, इसके प्रसार को रोकने तथा सुरक्षित एवं वैज्ञानिक विधियों से इसके नियंत्रण और उन्मूलन के उपाय बताए गए।
इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों से अपील की गई कि वे अपने विद्यालय, घर और आसपास के क्षेत्रों में गाजर घास की पहचान कर इसके नियंत्रण एवं उन्मूलन के लिए लोगों को जागरूक करें। वैज्ञानिकों ने कहा कि सामूहिक प्रयासों से इस हानिकारक खरपतवार के प्रसार को प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है।





