अवधी खबर संवाददाता
अंबेडकरनगर। ऑल आशा एवं आशा संगिनी कार्यकत्री सेवा समिति, उत्तर प्रदेश ने शहरी एवं ग्रामीण आशा कार्यकत्रियों तथा आशा संगिनियों की विभिन्न लंबित समस्याओं और मांगों को लेकर ज्ञापन प्रस्तुत किया। ज्ञापन में मांगों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किए जाने की मांग की गई है।समिति ने सेवाकाल के दौरान आशा कार्यकत्री की मृत्यु होने पर उसके आश्रित को सरकारी नौकरी तथा 20 लाख रुपये का मुआवजा दिए जाने की मांग की।
इस संबंध में आजमगढ़ की दिवंगत आशा कार्यकत्री स्व. गीता देवी का भी उल्लेख किया गया।ज्ञापन में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) का कार्य पुनः आशा कार्यकत्रियों को सौंपने, वर्षों से एक ही स्थान पर तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों का स्थानांतरण करने तथा आशा एवं संगिनियों को पुराने मोबाइल के स्थान पर नए 5G मोबाइल और टैबलेट उपलब्ध कराने की मांग की गई।ऑनलाइन कार्य के लिए प्रतिदिन 2 जीबी डाटा उपलब्ध कराने और उसका रिचार्ज सीधे विभाग द्वारा कराए जाने की मांग भी रखी गई।
इसके साथ ही रोका गया 1,500 रुपये का राज्य अंश जारी करने, बकाया प्रोत्साहन राशि, ABHA कार्ड एवं SNCU भुगतान का शीघ्र निस्तारण तथा आधिकारिक पे-स्लिप व्यवस्था लागू करने की मांग की गई।समिति ने दस्तक अभियान का मानदेय 2,000 रुपये प्रतिमाह तथा पल्स पोलियो अभियान का मानदेय 100 रुपये प्रतिदिन किए जाने और आशा कार्यकत्रियों को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने की मांग की।
आशा संगिनियों के क्षेत्र भ्रमण के लिए स्कूटी अथवा वाहन सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।ज्ञापन सौंपे जाने के दौरान अधिकारियों एवं संबंधित प्रतिनिधियों ने मांगों को जायज बताते हुए उन्हें शासन तक पहुंचाने, संबंधित बिंदुओं का सत्यापन कराने तथा नियमानुसार उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।




