
प्रमोद कुमार वर्मा
अंबेडकरनगर (अवधी खबर)। पंचायत भवन का निर्माण कार्य भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया, जिस कारण निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। पूर्व प्रधान ने पंचायत भवन निर्माण कार्य का पूरा भुगतान भी निकाल लिया है। जिस कारण पंचायत भवन का निर्माण कार्य वर्षों से अधूरा पड़ा है। इतना ही नहीं, इस मामले में जांच भी वर्षों से अटकी हुई है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है।
सरकार का पंचायत भवन निर्माण कार्य ग्रामीण विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है ताकि राज्य सरकार द्वारा संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं की सुविधाएं एक ही छत के नीचे ग्रामीणों को उपलब्ध कराई जाए। लेकिन ऐसा अभी नसीब नहीं हो पा रहा है।
पूरा मामला भीटी ब्लाक अंतर्गत रनीवा कर्माजीतपुर का है।
आपको बता दें इस पंचायत भवन का निर्माण कार्य पिछले पंचवर्षीय में शुरू हुआ था। जिसका निर्माण कार्य पूर्व प्रधान के द्वारा करवाया जा रहा था पंचायत भवन इस कदर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा की लगभग 5 वर्ष बीतने वाले हैं निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया पूरी दीवाल भी खड़ी नहीं हो पाई हैं।
कुछ दीवाल पूरा होने से पहले ही जमीनदोज होने लगी हैं। मिली जानकारी के अनुसार इस पंचायत भवन के निर्माण कार्य की लागत को भी पूर्व प्रधान के द्वारा निकाल लिया गया है। लगभग 1 वर्ष से इस पंचायत भवन के निर्माण कार्य के मामले में हुए भ्रष्टाचार की जांच डीपीआरओ कार्यालय स्तर से की जा रही है लेकिन जांच अभी तक पूरी नहीं हो पाई है और न ही दोषियों पर कोई कार्रवाई अमल में लाई गई हैं।
ऐसा लगता है कि पंचायत भवन की जांच की फाइल डीपीआरओ कार्यालय में धूल फ़ाकने लगी है। जिस कारण जांच पूरी नहीं हो पा रही है। सूत्र बताते हैं अधूरे पंचायत भवन निर्माण कार्य के जांच में कई जिम्मेदारों की गर्दन फसने का डर है इसी कारण जांच की फाइल को बंद कर दिया गया है।
वही जब इस संबंध में डीपीआरओ अवनीश श्रीवास्तव से टेलिफोनिक वार्ता करने का प्रयास किया गया तो उनका फोन नहीं रिसीव हो सका।
ग्रामीणों की मांग:
पंचायत भवन का निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जाए।जांच में देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों को पंचायत भवन की सुविधाओं का लाभ मिले।





