अवधी खबर संवाददाता
बस्ती। फसली सीजन में आसमान छू रहे यूरिया के दामों ने किसानों की बेचैनी बढ़ा दी है और यदि यूरिया मिल भी रहा है तो उसका दाम 300 से 400 रुपये प्रति बोरी के बीच है । कालाबाजारियों के आगे सरकारी दावे व अधिकारियों की भाषणबाजी दम तोड़ चुकी है।
मिली जानकारी के अनुसार – फसली सीजन में बढ़ने वाले यूरिया खाद के दाम अनसुलझी पहेली बनकर रह गए हैं क्योंकि सरकार व जिम्मेदार अधिकारी अपने भाषणों में कालाबाजारिओं को खरीखोटी सुनाने नजर आते हैं फिर भी कालाबाजारी टस से मस होने का नाम नहीं ले रहे हैं और यूरिया खाद की कालाबाजारी जारी है।
आखिर फसली सीजन में ही यूरिया खाद की किल्लत क्यों होती है इसको लेकर तरह – तरह की जनचर्चाए क्षेत्र में चल रही हैं कुछ तो यहाँ तक कह दे रहे कि जिम्मेदार अधिकारी कालाबाजारियों से मिले हुए हैं जिसके कारण न तो कालाबाजारियों पर कोई कार्यवाही हो रही है न ही किसानों की समस्या ही हल हो रही । क्षेत्र के जागरूक लोगों में विकास , दीपक , संजय चौधरी , दयाराम , अनिल कुमार , पंकज चौधरी आदि लोगों ने जिम्मेदारों से यूरिया की कालाबाजारी रोकने व निर्धारित मूल्य पर यूरिया खाद की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की मांग किया है है। पूरे प्रकरण पर जानकारी लेने के लिए जब संवाददाता ने जिला कृषि रक्षा अधिकारी से बात की तो उन्होनें बताया कि पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष समितियों पर ज्यादा यूरिया की आपूर्ति की जा चुकी है , रैक लगा है एक दो दिन में स्थिति सामान्य हो जायेगी जबकि निर्धारित से ज्यादा मूल्य पर यूरिया के बिकने के सवाल पर उन्होनें बताया कि यदि ऐसा हो रहा है तो हमें साक्ष्य सहित अवगत कराएं भ्रष्टाचारी व कालाबाजारी निश्चित रूप से दंडित होगें।





