अवधी खबर संवाददाता
अंबेडकरनगर।
जनपद के भीटी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बसुपुर बनियानी में मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) के तहत चल रहे वृक्षारोपण कार्य में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। ग्राम स्थित काकरहिया तालाब/ सूबेदार तालाब के किनारे वृक्षारोपण कार्य के लिए बनाए गए दो मास्टर रोल में घोर अनियमितता उजागर हुई है।

फोटो वही, नाम अलग – कैसे मुमकिन?

सूत्रों के मुताबिक, वेबसाइट पर अपलोड किए गए मास्टर रोल संख्या 3278 में 9 मजदूरों की और 3279 में 5 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि दोनों मास्टर रोल में अपलोड की गई मजदूरों की तस्वीरें लगभग एक जैसी हैं — यानी एक ही व्यक्ति की फोटो को दो अलग-अलग मास्टर रोल पर चिपकाकर, अलग-अलग नामों से हाजिरी लगाई गई है।
फर्जीवाड़ा किसके संरक्षण में?
इस घोटाले ने यह गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या अधिकारियों की मिलीभगत से मनरेगा के फंड में सेंध लगाई जा रही है? यदि एक ही व्यक्ति की फोटो बार-बार अपलोड कर दी जा रही है और हाजिरी किसी और के नाम से लगाई जा रही है, तो यह पूरी व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवालिया निशान है। साथ ही यह जांच का विषय भी है कि यह फर्जी हाजिरी किसके निर्देश या सहमति से लगाई जा रही है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश, जांच की मांग
गांव के लोगों में इस फर्जीवाड़े को लेकर भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि मनरेगा जैसे जनहितकारी योजना को चंद भ्रष्ट कर्मचारी और जिम्मेदार लोग मिलकर मजाक बना रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
क्या कहते हैं जानकार?
मनरेगा योजनाओं के जानकारों का कहना है कि वेबसाइट पर फोटो अपलोडिंग का मकसद पारदर्शिता और मजदूरों की वास्तविक उपस्थिति को प्रमाणित करना होता है। लेकिन यदि फोटो वही और नाम अलग हैं, तो यह सीधे तौर पर फर्जीवाड़ा है और यह अपराध की श्रेणी में आता है।
प्रशासन करेगा कार्रवाई या फिर होगी लीपापोती?
अब देखना यह है कि अंबेडकरनगर जिला प्रशासन इस खुलासे पर क्या कदम उठाता है। क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी या फिर हमेशा की तरह मामले को दबाने की कोशिश की जाएगी?





