अवधी खबर संवाददाता
अंबेडकरनगर।
भीटी थाना क्षेत्र के थरिया गांव में जमीन को लेकर मां-बेटे आमने-सामने आ गए हैं। बुजुर्ग मां ने बेटे और बहू पर प्रताड़ना और बेदखली का आरोप लगाया तो बेटे ने मां के अपहरण और जबरन बैनामा कराने का आरोप लगाते हुए उल्टे तहरीर दी। लगातार मिल रही शिकायती पत्रों और आरोप-प्रत्यारोप से पुलिस महकमा भी उलझन में है।
मां का आरोप
थरिया कला गांव निवासी किरन देवी पत्नी स्व. रामचन्द्र ने रविवार को भीटी थाने में शिकायती पत्र देकर अपने बेटे दीपक उर्फ डब्बू और बहू विमला पर प्रताड़ित कर घर से बेदखल करने का आरोप लगाया। किरन देवी का कहना है कि पति की मृत्यु करीब 22 वर्ष पूर्व हो चुकी है। उसके बाद बेटा और बहू उसे घर से निकाल कर कई बार मारापीट कर चुके हैं।
किरन देवी ने बताया कि जमीन हड़पने की नीयत से लगातार दबाव बनाया जा रहा है और फोन पर जान से मारने की धमकी दी जा रही है। इसी डर से वह अपने मायके और बेटी के घर में शरण लेकर रह रही हैं।
बेटे का आरोप
दीपक ने मंगलवार को थाने में तहरीर देकर उल्टे आरोप लगाए कि 18 सितंबर 2025 को उसकी मां को हरिनारायण पुत्र राम आधार निवासी समर सिंह कर वेलहवा बहला-फुसलाकर ले गया और औने-पौने दाम पर उसकी जमीन एक महिला के नाम बैनामा करा दी। दीपक ने यह भी आरोप लगाया कि मां को बंधक बनाकर शेष जमीन भी हड़पने की साजिश रची जा रही है।
हरिनारायण की शिकायती तहरीर
उधर, हरिनारायण ने भी रविवार को दीपक के खिलाफ शिकायत दी थी कि दीपक उसकी बहन किरन देवी और उसके इकलौते बेटे को साजिश के तहत जान से मारकर जमीन कब्जाने की योजना बना रहा है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने मां और हरिनारायण की शिकायती पत्रों को संज्ञान में लेकर दीपक के बेटे से पूछताछ की और समझा-बुझाकर उसे छोड़ दिया।
मामले की जड़ और पुलिस की चुनौती
सूत्रों का कहना है कि विवाद की जड़ किरन देवी के नाम दर्ज भूखंड है, जिस पर कब्जा और बैनामे को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सच्चाई क्या है और किसकी शिकायत में तथ्य हैं।
वही जब इस संबंध में भीटी कोतवाल अमित पांडेय से बात किया गया तो उनके द्वारा बताया गया कि बेटे ने मां को काफी दिनों से घर से बाहर कर दिया था। अपने बेटी व अपने भाई के पास रहकर अपना जीवन व्यतीत कर रही थी। मां अपने नाम दर्ज भूखंड को किसी के नाम बेचना चाह रही थी इसी बीच बेटे के द्वारा धमकी दी जा रही थी। जिस संबंध में शिकायती पत्र बुजुर्ग मां और उसके भाई हरिनारायण ने भी दिया था जिसका संज्ञान लेते हुए उसके बेटे दीपक को पूछताछ कर उसे समझा बुझाकर भेज दिया गया था। दो दिन बाद बेटे ने मां के अपहरण की झूठी मनगढ़ंत शिकायती पत्र दिया है जबकि उसी दिन बूढी मां से बयान व पूछताछ किया जा चुका था फिर हाल दोनों पक्षों को बुलाया गया है दोनों पक्षों की बातों को सुन कर मामले का निस्तारण कर दिया जाएगा।





