106 वीं जयंती पर स्व. दयाराम वर्मा की विरासत ने दिलाई आज़ादी की असली याद
अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर।
अकबरपुर क्षेत्र के ग्राम करतोरा में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय श्री दयाराम वर्मा की 106वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम केवल स्मरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सेवा, शिक्षा और संस्कार का जीवंत संदेश देने वाला आयोजन बन गया। देशभक्ति, सामाजिक समरसता और जनसेवा के भाव के साथ यह कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि युवा भाजपा नेता एवं पूर्व जिलाध्यक्ष कपिल देव वर्मा ने स्वतंत्रता सेनानी की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि स्व. दयाराम वर्मा का जीवन हमें सिखाता है कि आज़ादी सिर्फ तिरंगे तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने में निहित है।
विशिष्ट अतिथि डॉ. जे. के. वर्मा ने शिक्षा को स्वस्थ और विकसित समाज की आधारशिला बताते हुए कहा कि शिक्षित समाज के बिना राष्ट्र निर्माण की कल्पना अधूरी है। वहीं सपा नेता सुरेश कुमार वर्मा के कथन शिक्षा शेरनी का दूध है, जो जितना पिएगा उतना दहाड़ेगा, ने युवाओं में नई ऊर्जा भर दी।
अध्यक्षीय उद्बोधन में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. राम उजागिर वर्मा ने कहा कि आज देशभक्ति भाषणों में नहीं, बल्कि ईमानदार कर्म और समाज के अंतिम व्यक्ति को सशक्त करने में दिखाई देनी चाहिए।
जयंती एवं नववर्ष महोत्सव के अवसर पर शिक्षा को केंद्र में रखते हुए मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के उत्कृष्ट छात्र-छात्राओं को एक-एक हजार रुपये नकद व प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए, जबकि कक्षा 3 से 8 तक के 18 विद्यार्थियों को प्रोत्साहन उपहार दिए गए।
एमबीबीएस में चयनित सविता नंदन वर्मा एवं स्वास्थ्य विभाग में चयनित दिलीप वर्मा के सम्मान ने यह संदेश दिया कि ग्रामीण अंचल भी प्रतिभा का केंद्र बन रहा है।
परिधि फाउंडेशन द्वारा नन्हे विद्यार्थियों को स्टेशनरी किट वितरित की गई। वहीं जरूरतमंद महिलाओं व बुजुर्गों को कंबल वितरण में युवा महिला नेता मनोजा पटेल की सक्रिय भूमिका रही। ग्राम करतोरा निवासी डॉ. अमित सहाय (सिटी बैंक मैनेजर, अमेरिका) के सहयोग से हुए इस सेवा कार्य ने सामाजिक जुड़ाव की मिसाल पेश की। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए निःशुल्क मेडिकल शिविर में सैकड़ों लोगों ने लाभ उठाया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में अवधेश वर्मा, बजरंगी वर्मा, सी.एल. वर्मा, महेश पाल, उदयभान वर्मा, अजय वर्मा, हरीश वर्मा, सोनू वर्मा, डॉ. निरंकार वर्मा, संग्राम राजभर, राजेन्द्र कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों का योगदान रहा। संचालन अमरजीत वर्मा ने किया। समापन पर स्वतंत्रता सेनानी के पौत्र घनश्याम वर्मा ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।


