अम्बेडकर नगर। जनपद के विकासखंड बसखारी में ग्राम पंचायतों के कामकाज को लेकर उठ रहे सवाल अब और गहराते जा रहे हैं। ग्राम सभा अजमेरी बादशाहपुर से जुड़ी खबरों के बाद जहां पंचायत व्यवस्था में हलचल मच गई, वहीं इन खबरों से तिलमिलाई ग्राम पंचायत सचिव एकता यादव के सह पर ग्राम प्रधान ने कुछ पत्रकारों को लीगल नोटिस भेज दिया।
हालांकि पत्रकारों ने न केवल इस लीगल नोटिस का कानूनी और तथ्यात्मक जवाब दे दिया है, बल्कि अब यह भी साफ कर दिया है कि वे दबाव में आने वाले नहीं हैं। पत्रकारों ने ठान लिया है कि अब केवल एक ग्राम सभा नहीं, बल्कि विकासखंड बसखारी की कई ग्राम सभाओं में चल रहे कथित भ्रष्टाचार का सिलसिलेवार खुलासा किया जाएगा।
अजमेरी बादशाहपुर में जहां अब तक भूतिया बिल का मामला सामने आया था, वहीं जांच आगे बढ़ने पर चौंकाने वाले तथ्य उजागर हो रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक विकासखंड की कई ग्राम सभाओं में
अंधे बिल, बिना बिल के भुगतान और डबल बिलिंग के जरिए सरकारी धन का भुगतान पास किया गया है।
विशेष रूप से ग्राम सभा मेढी सलेमपुर का मामला बेहद गंभीर बताया जा रहा है। मीडिया सर्वे के अनुसार यहां लगभग 90 प्रतिशत बिल बिना तारीख के अपलोड किए गए हैं, जो ई-ग्राम स्वराज जैसे पारदर्शी पोर्टल की मंशा पर ही सवाल खड़े करता है। मेढी सलेमपुर की पूरी भुगतान प्रक्रिया और बिलिंग पैटर्न का खाका तैयार किया जा चुका है, जिसे जल्द ही मीडिया में प्रकाशित किया जाएगा।
इस पूरे प्रकरण में एक और बड़ा सवाल ट्रेडर्स की भूमिका को लेकर भी उठ रहा है। मीडिया सर्वे में सामने आया है कि ‘ए के ट्रेडर्स’ विकासखंड बसखारी का सबसे बड़ा सप्लायर दर्शाया गया है। लेकिन जब टांडा रोड पर उसकी कथित दुकान खोजी गई, तो दुकान का कोई अस्तित्व ही नहीं मिल रहा है।
अब सवाल यह है कि क्या यह ट्रेडर्स सिर्फ कागजों में मौजूद है? क्या बिना दुकान और स्टॉक के ग्राम सभाओं में लाखों का सामान सप्लाई दिखाया गया? और क्या भुगतान पास कराने में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका रही?
पत्रकारों का कहना है कि लीगल नोटिस से सच दबाया नहीं जा सकता। आने वाले दिनों में विकासखंड बसखारी की कई ग्राम सभाओं से जुड़े दस्तावेज़, बिल वाउचर और भुगतान विवरण सार्वजनिक किए जाएंगे।
….यह सिर्फ शुरुआत है…
….जल्द होगा बड़ा खुलासा, जिससे हिलेगा पूरा विकासखंड।