अवधी खबर संवाददाता
बस्ती। जनपद में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति को लेकर इन दिनों अव्यवस्था चरम पर पहुंच गई है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक पेट्रोल पंप बदइंतजामी के केंद्र बन चुके हैं। सुबह होते ही पंपों पर लंबी-लंबी कतारें लग जाती हैं, लेकिन ईंधन की उपलब्धता अनिश्चित बनी हुई है। सैकड़ों वाहन चालक घंटों इंतजार के बाद भी बिना तेल लिए लौटने को मजबूर हैं।
बभनान–गौर मार्ग स्थित तेजस फीलिंग स्टेशन इस अव्यवस्था का प्रमुख उदाहरण बनकर उभरा है। यहां पंप कर्मचारी 24 घंटे संचालन के लाइसेंस का हवाला देकर नियमों को अपने तरीके से लागू कर रहे हैं, जबकि प्रशासनिक आदेशों का जमीनी स्तर पर पालन नहीं हो रहा है। इससे यह सवाल उठ रहा है कि जब आदेश प्रभावी ही नहीं हैं, तो उनकी उपयोगिता क्या रह जाती है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई पेट्रोल पंप संचालक जिलाधिकारी के निर्देशों की खुलेआम अनदेखी कर रहे हैं। कहीं भीड़ बेकाबू है तो कहीं निर्धारित समय के बाद भी मनमाने तरीके से पेट्रोल वितरण किया जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि नियमों का पालन कराना तो दूर, उनकी खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
सबसे चिंताजनक पहलू सुरक्षा नियमों की अनदेखी है। बिना हेलमेट बाइक चालकों को भी धड़ल्ले से पेट्रोल दिया जा रहा है, जो सीधे तौर पर आदेशों का उल्लंघन है। पंपों पर न तो पुलिस की पर्याप्त मौजूदगी दिख रही है और न ही यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, बभनान–गौर मार्ग स्थित तेजस फीलिंग स्टेशन पर रात 10 बजे से 2 बजे के बीच पेट्रोल-डीजल की बिक्री किए जाने की भी चर्चा है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में ईंधन की कमी के चलते कालाबाजारी की आशंकाएं भी बढ़ गई हैं। कुल मिलाकर यह संकट आम जनता के लिए गंभीर समस्या बन चुका है और यदि जल्द सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो हालात और बिगड़ सकते हैं।




