अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकर नगर।
जनपद के आलापुर तहसील क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत रूढ़ी में सीमांकन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि ग्राम सभा की भूमि पर बिना सीमांकन पत्थर गाड़े ही पत्थर लगाए जाने की झूठी रिपोर्ट प्रशासन को भेज दी गई, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।
बताया गया कि अखलासपुर निवासी खतौनी धारक मिथिलेश कुमार पुत्र राम शंकर द्वारा उपजिलाधिकारी आलापुर को दिए गए प्रार्थना पत्र के क्रम में 25 अप्रैल 2026 को राजस्व टीम पैमाइश के लिए मौके पर पहुंची। टीम में नायब तहसीलदार, कानूनगो व अन्य राजस्व कर्मी शामिल रहे। हालांकि, मौके पर तैनात लेखपाल उपस्थित नहीं थे।
पैमाइश के दौरान जब टीम ग्राम पंचायत रूढ़ी की उत्तर-पश्चिमी सीमा स्थित कियरवा तालाब पहुंची, तो वहां सीमांकन पत्थर गड़ा हुआ नहीं मिला। ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्व लेखपाल सलीम द्वारा बिना नाप-जोख किए ही पत्थर खड़ा कर फोटो खिंचवाकर सीमांकन पूरा होने की झूठी रिपोर्ट भेज दी गई थी।
स्थिति स्पष्ट न होने और पत्थर गड़ा न पाए जाने के कारण राजस्व टीम को बिना पैमाइश किए ही वापस लौटना पड़ा। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि टीम द्वारा बिना सही सीमांकन के ही पैमाइश करने का दबाव बनाया गया और गैर-जिम्मेदाराना बयान दिए गए।
ग्रामीणों के अनुसार, पूर्व में भी लेखपाल द्वारा रात के समय सीमांकन पत्थर लगाने का प्रयास किया गया था, जिसका विरोध किया गया। इसके बाद कथित रूप से अगले दिन बिना पत्थर गाड़े ही फोटो खींचकर फर्जी रिपोर्ट तैयार कर दी गई। इसमें कुछ ग्राम प्रधानों व प्रतिनिधियों की संलिप्तता का भी आरोप लगाया जा रहा है।
इस पूरे प्रकरण से ग्राम पंचायतों के सीमांकन को लेकर विवाद गहरा गया है और संबंधित राजस्व कर्मियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से सही तरीके से सीमांकन कराए जाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और विवाद का समाधान कब तक हो पाता है।




