राजस्व व पुलिस टीम पर कार्रवाई का आरोप, प्रशासन बोला न्यायालय के आदेश के अनुपालन में हुई कार्रवाई; डीएम ने दिए संयुक्त जांच के निर्देश
अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर। भीटी तहसील क्षेत्र के ग्राम सेमरी जयमलपुर निवासी सुरेन्द्र कुमार यादव ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर राजस्व विभाग एवं महरूआ पुलिस पर उनकी निजी भूमि पर जबरन कब्जा कराने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
शिकायती पत्र के अनुसार, गाटा संख्या 863 से संबंधित विवाद न्यायालय में विचाराधीन रहा है, लेकिन उसकी आड़ में राजस्व एवं पुलिस टीम ने उनकी निजी भूमि गाटा संख्या 861 पर ट्रैक्टर चलवाकर कब्जा कराने का प्रयास किया। पीड़ित का आरोप है कि बिना किसी पूर्व सूचना के राजस्व और पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे और कार्रवाई शुरू कर दी। इसकी जानकारी मिलने पर परिजनों ने डायल-112 पर सूचना दी, जिसके बाद मौके पर मौजूद अधिकारी और कर्मचारी वापस लौट गए।
सुरेन्द्र कुमार यादव का आरोप है कि विरोध करने पर विपक्षी पक्ष ने उनके परिवार के साथ मारपीट की तथा महिलाओं के साथ अभद्रता की। उन्होंने पूरे मामले में मुकदमा दर्ज कर संबंधित अधिकारियों और आरोपितों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित ने यह भी बताया कि इसी भूमि विवाद को लेकर वर्ष 2010 में उनके पिता और भतीजे की हत्या कर दी गई थी, जिसमें आरोपितों को न्यायालय से सजा मिल चुकी है। ऐसे में उन्होंने अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है।
मामले में उपजिलाधिकारी भीटी ने बताया कि संबंधित कार्रवाई न्यायालय के आदेश के अनुपालन में की गई है। उनके अनुसार, विभिन्न न्यायालयों में विवाद का निस्तारण हो चुका था, जिसके आधार पर राजस्व विभाग ने कब्जा दिलाने की कार्रवाई की। हालांकि, संबंधित न्यायालयी आदेश की प्रति उपलब्ध कराने के अनुरोध पर उन्होंने कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया और कहा कि उनका आधिकारिक बयान ही प्रकाशित किया जाए।
वहीं, महरूआ थाना प्रभारी ने बताया कि राजस्व विभाग की ओर से पुलिस बल उपलब्ध कराने का मौखिक अनुरोध किया गया था। इसी आधार पर पुलिस टीम भेजी गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की भूमिका केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित थी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी और क्षेत्राधिकारी की मौजूदगी में राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त टीम से मौके पर नाप-जोख और पैमाइश कराकर प्रकरण का निष्पक्ष निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं। अब पूरे मामले में प्रशासनिक जांच और उसकी रिपोर्ट पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।




