कुम्हारों को मिलेंगी अलग पहचान
अवधी खबर संवाददाता
अयोध्या,(राजू निषाद)। रामनगरी का दीपोत्सव वैश्विक फलक पर भी अपनी आभा बिखेरता है। अन्य देशों के लिए यह उत्सव आकर्षण का केंद्र है, अब योगी सरकार रामनगरी में दीपोत्सव गांव बसा कर इसके आकर्षण में एक और सितारा जड़ने जा रही है। इसके लिए भूमि चिह्नित कर ली गई है। यह गांव वन गमन के दौरान भगवान राम के प्रथम विश्राम स्थल रामचौरा गौराघाट पर बसाया जाएगा। यह स्थल पौराणिक नदी ‘तमसा’ के तट पर स्थित है। यहां पर दीपोत्सव के लिए दीपों की आपूर्ति करने वाले कुम्हारों को बसाने की योजना है।
दीपोत्सव गांव की पहचान कुम्हारों से होगी। इसके निर्माण के लिए करीब ढाई करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। सीएम योगी के निर्देश पर विह्नित हुई भूमि, कुम्हारों से होगी गांव की पहचान वन गमन के दौरान भगवान राम के प्रथम विश्राम स्थल को चयनित किया यह एक ड्रीम प्रोजेक्ट है। उनके निर्देश के बाद कई माह से अधिकारियों की टीम भूमि की तलाश कर रही थी। लेकिन प्राथमिकता रामचौरा गौराघाट को मिली। गांव बसाने के बाद दीपोत्सव के लिए दीपों की आपूर्ति भी इसी गांव से कराने की योजना है।
भगवान राम का प्रथम विश्राम स्थल
राजकीय निर्माण निगम के अधिशासी अभियंता के निजी सचिव शैलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि दीपोत्सव विलेज के लिए सहायक अभियंता रत्नेश कुमार, अर्बन आर्किटेक्ट लखनऊ के अंकित शुक्ल ने इस गांव को बसाने के लिए पर्यटन विभाग की भूमि तय कर दी।





