अकबरपुर सपा विधायक राम अचल राजभर की बहू मौजूदा समय में है ग्राम प्रधान
अवधी खबर संवाददाता
अंबेडकरनगर। जिले में मनरेगा योजना के तहत बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा और सरकारी धन की बंदरबांट का एक नया मामला उजागर हुआ है। आरोप है कि ग्राम पंचायत सचिव, एपीओ, मनरेगा डीसी और ग्राम प्रधान की मिली भगत से मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाकर सरकारी खजाने को चूना लगा रहे हैं।

ताज़ा मामला विकासखंड अकबरपुर के ग्राम सभा कयामुद्दीन पुर का है, जहां घोटालेबाजों ने तकनीक का गलत इस्तेमाल करते हुए हाजिरी दर्ज करने का अनोखा तरीका अपनाया। मजदूरों की वास्तविक फोटो लेने के बजाय, एक मोबाइल पर पहले से ली गई तस्वीर को जमीन पर रखकर या हाथ में लेकर, दूसरे मोबाइल से उसकी फोटो खींची गई और उसे मनरेगा की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया।

रक्षाबंधन जैसे त्योहार के दिन भी ग्राम सभा में फर्जी हाजिरी लगाकर कार्य दिखाने का खेल चलता रहा। नौ अगस्त के पांच मास्टर रोल – संख्या 4144, 4145, 4146, 4149 और 4192 – में अपलोड की गई तस्वीरें खुद इस घोटाले की गवाह बन रही हैं। सभी फोटो स्पष्ट रूप से मोबाइल स्क्रीन से मोबाइल पर खींची गई हैं, जो सीधे तौर पर फर्जीवाड़े की ओर इशारा करती हैं।
गौरतलब है कि इस ग्राम सभा की ग्राम प्रधान पूर्व मंत्री और मौजूदा अकबरपुर सपा विधायक राम अचल राजभर की बहू हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिस तरह सपा शासनकाल में ग्राम सभा में सरकारी धन की लूट मचाई जाती थी, ठीक उसी तरह अब भाजपा सरकार में भी यह सिलसिला जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घोटाला सुनियोजित तरीके से किया जा रहा है, जिसमें अधिकारी और जनप्रतिनिधि दोनों की मिलीभगत है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तव में पात्र लोगों तक पहुंच सके।





