आयुष्मान आरोग्य मंदिर कचूरे का समय से नहीं हो रहा संचालन – ग्रामीण

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  • कभी-कभी आयुष्मान आरोग्य मंदिर का खुलता है ताला – ग्रामीण
  • आयुष्मान आरोग्य मंदिर का समय से संचालन न होना जिम्मेदार अधिकारियों पर खड़ा कर रहा है बड़ा सवाल
  • बिना ड्यूटी के सीएचओ आयशा खातून को कैसे मिल रहा है प्रतिमाह मानदेय ,बना जांच का विषय

बहादुरपुर बस्ती– सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहादुरपुर की अंतर्गत ग्राम पंचायत कचूरे में आयुष्मान आरोग्य मंदिर / स्वास्थ्य उप केंद्र का संचालन समय से नहीं हो रहा है जिसको लेकर ग्रामीणों में काफी नाराजगी जताई है । ग्रामीणों ने कहा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर का प्रतिदिन संचालन नहीं होता है और न ही आयुष्मान आरोग्य मंदिर का खुलने व बंद होने का कोई समय निर्धारित नहीं है । आयुष्मान आरोग्य मंदिर का समय से संचालित न होना जिम्मेदार अधिकारियों पर बड़ा सवाल खड़ा करता है ।


सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार आयुष्मान आरोग्य मंदिर / स्वास्थ्य उपकेन्द्र कचूरे पर सीएचओ आयशा खातून की तैनाती है । सीएचओ आयशा खातून जब मन करता है तब आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर आकर उपस्थित रजिस्ट्रर पर हस्ताक्षर कर डियूटी से गायब हो जाती है । जब कभी ग्रामीण इलाज कराने व किसी अन्य जानकारी के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर जाते हैं तो हमेशा केंद्र बंद ही मिलता है इसीलिए कोई ग्रामीण इलाज करने के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर नहीं जाते हैं । आयुष्मान आरोग्य मंदिर का प्रतिदिन के संचालन का समय सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक है । सीएचओ को बिना प्रतिमाह ड्यूटी किये कैसे मानदेय मिलता है जो जांच का विषय बना हुआ है । सूत्रों से यह भी पता चला है कि बीसीपीएम शिवभूषण श्रीवास्तव व डीसीपीएम दुर्गेश मल्ल की मिली भगत से सीएचओ आयशा खातून ड्यूटी से गायब रहती हैं और मनचाहा ड्यूटी करती हैं ।

सीएचओ के मनचाहा ड्यूटी करने से प्रदेश सरकार की मनसा पर पानी फिर रहा है । यदि ऐसे जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा जांच व करवाई के नाम पर कार्य किया जायेगा तो ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं गरीब व असहाय परिवारों को कैसे मिलेंगी । प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को ग्रामीण स्तर तक पहुंचने के लिए हर संभव प्रयास प्रयास कर रही है लेकिन स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदार अधिकारी सरकार की मंशा पर पानी फिरने में जुटे हुए हैं । अब देखना है कि ड्यूटी से गायब सीएचओ आयशा खातून के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है ? उक्त प्रकरण में डीसीपीएम दुर्गेश मल्ल से फोन के माध्यम से जानकारी लेना चाहा तो डीसीपीएम ने फोन रिसीव नहीं किया ।


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