अवधी खबर संवाददाता
बस्ती। ग्राम विकास अधिकारी एवं ग्राम पंचायत अधिकारी समन्वय समिति, जनपद शाखा बस्ती के आह्वान पर शुक्रवार से जिलेभर में ग्राम पंचायत अधिकारियों और ग्राम विकास अधिकारियों ने कार्य बहिष्कार और धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। अधिकारी अपनी लंबित मांगों के निस्तारण और सचिव प्रियंका यादव के निलंबन रद्द करने की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं।
समिति की बैठक 29 अक्टूबर को ब्लॉक सॉंझीदार में हुई थी, जिसकी अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष अरुणेश पाल ने की। बैठक में कार्यकारी अध्यक्ष अखिलेश शुक्ला, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जितेन्द्र अरोड़ा, मंत्री अमरनाथ गौतम सहित बड़ी संख्या में अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि समिति की पुरानी मांगों पर विभाग द्वारा आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इस विभागीय उदासीनता के विरोध में संगठन ने 31 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार करने का फैसला लिया।
समिति पदाधिकारियों ने कहा कि जब तक शासन और विभागीय अधिकारी संगठन की जायज़ मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेते, तब तक यह आंदोलन चरणबद्ध रूप में जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि संगठन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ेगा।
गौर विकासखंड में भी धरना जारी
विकासखंड गौर मुख्यालय पर सभी ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारी धरने पर बैठे हैं। उनका कहना है कि जब तक जनपद स्तरीय पदाधिकारियों से कोई स्पष्ट निर्देश नहीं आता, तब तक कार्य बहिष्कार और धरना शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहेगा।
प्रियंका यादव के निलंबन के विरोध में परशुरामपुर में हंगामा
विकासखंड परशुरामपुर में भी ग्राम पंचायत अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी समन्वय समिति के बैनर तले शुक्रवार को सचिव प्रियंका यादव के निलंबन के विरोध में सचिवों ने धरना दिया।
अधिकारियों ने आरोप लगाया कि खंड विकास अधिकारी मनोज श्रीवास्तव ने बिना पक्ष सुने ही मनमाने ढंग से निलंबन का आदेश जारी कर दिया। सचिवों ने मांग की कि जब तक संबंधित सचिव को बहाल नहीं किया जाता, तब तक विकासखंड कार्यालय पर शांतिपूर्ण धरना और कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।





