अवधी खबर संवाददाता
अंबेडकरनगर। कॉलेज ऑफ नर्सिंग, गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अंबेडकरनगर में शनिवार को “लीगल और एथिकल इश्यूज इन नर्सिंग” विषय पर एक दिवसीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डीन डॉ. मुकेश यादव एवं विशिष्ट अतिथि डॉ. आई. क्लेमेंट ने दीप प्रज्वलित कर किया।
कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य नर्सिंग पेशे में आने वाली कानूनी व नैतिक चुनौतियों पर गहराई से चर्चा कर विद्यार्थियों को उनके पेशेवर दायित्वों के प्रति जागरूक करना ।
इस कार्यक्रम में देश के अलग अलग कोने से आए वक्ताओं ने कहा कि नर्सिंग केवल सेवा का कार्य नहीं, बल्कि यह मानवीय संवेदना, उत्तरदायित्व और नैतिक निर्णयों से जुड़ा एक सशक्त पेशा है।
मुख्य अतिथि डॉ. मुकेश यादव ने अपने संबोधन में कहा कि “रोगी की देखभाल केवल दया या सेवा का विषय नहीं है, बल्कि यह कानूनी रूप से भी एक जिम्मेदारी है। हर नर्स को यह समझना चाहिए कि रोगी की गोपनीयता, सूचित सहमति और उपचार के दौरान की गई प्रत्येक प्रक्रिया का एक लीगल एंगल होता है।” उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे मेडिकल लॉ और एथिक्स के अध्ययन को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
विशिष्ट अतिथि डॉ. आई. क्लेमेंट ने नर्सिंग में एथिकल और लीगल इश्यूज के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा नैतिकता नर्सिंग का हृदय है जबकि कानून उसकी रीढ़ है। दोनों के बिना नर्सिंग पेशा अधूरा है।उन्होंने अपने भाषण में निम्न बिंदु जोड़ते हुए कहा रोगी की स्वायत्तता का सम्मान करना,गोपनीयता बनाए रखना,सहमति लेना,व्यावसायिक ईमानदारी निभाना,और किसी भी मेडिकल नेग्लिजेंस से बचने के लिए सटीक डॉक्यूमेंटेशन करना।
उन्होंने यह भी कहा कि नैतिकता के पालन से नर्स और मरीज दोनों के बीच विश्वास और सुरक्षा की भावना मजबूत होती है। समर्पण कॉलेज ऑफ नर्सिंग की प्रधानाचार्य श्रीमती दीप्ति शुक्ला ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को भविष्य में आने वाली पेशेवर चुनौतियों के लिए मानसिक और नैतिक रूप से तैयार करते हैं। अंत में कॉलेज ऑफ नर्सिंग के प्रधानाचार्य डॉ भास्कर जी ने कार्यक्रम संयोजक टीम का धन्यवाद देकर कार्यक्रम समापन की घोषणा की ।।।





