अवधी खबर संवाददाता
अंबेडकरनगर।
आलापुर तहसील क्षेत्र के ग्राम अनापुर में भगवान बिरसा मुंडा की जयंती बड़े ही धूमधाम, श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन भगवान बिरसा मुंडा स्मारक ट्रस्ट एवं महारानी दुर्गावती धर्म ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम का संचालन ट्रस्ट के प्रबंधक एवं वरिष्ठ पत्रकार रामू गोंड ने किया, जबकि अध्यक्षता घनश्याम द्वारा की गई।
इस अवसर पर आदर्श मानव सेवा संस्थान के अध्यक्ष घनश्याम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
नेव्या ग्रीन फाउंडेशन के अध्यक्ष नीरज मौर्य तथा दिव्यांग सक्षम सेवा संस्थान के अध्यक्ष राकेश कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में मंच पर मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने भगवान बिरसा मुंडा के जीवन, उनके संघर्ष, आदिवासी समाज को संगठित करने के प्रयासों तथा स्वतंत्रता संग्राम में उनके महत्त्वपूर्ण योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।
विशिष्ट अतिथि राकेश कुमार मौर्य ने कहा कि बिरसा मुंडा ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए अतुलनीय संघर्ष किया। उन्होंने आदिवासी समाज को एकजुट कर अन्याय और अत्याचार के खिलाफ आवाज बुलंद की। वे भारत माता के सच्चे वीर और राष्ट्र के अमर नायक हैं।
वरिष्ठ पत्रकार एवं आयोजनकर्ता रामू गोंड ने अपने संबोधन में कहा कि बिरसा मुंडा केवल स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समानता के प्रतीक थे। उन्होंने बताया कि आज भी उनके विचार समाज में एकता, भाईचारे और सद्भाव को बढ़ावा देने की प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि बिरसा मुंडा की शिक्षाएं आज की पीढ़ी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं—अन्याय का विरोध करना, समाज को मजबूत बनाना और मातृभूमि की रक्षा करना।
जयंती कार्यक्रम में अनापुर सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
मुख्य रूप से उपस्थित लोग—
पत्रकार अमित मांझी, घनश्याम गोंड, संकटा प्रसाद, अजीत कुमार कनौजिया, गणेश कुमार कनौजिया, शिवकुमार, कल्पनाथ गोंड, सुरेश कुमार, रमेश कुमार, कन्हैयालाल, रामलाल, कंचन देवी, गोंड जय बड़ा देव सेवा सदन धर्म ट्रस्ट की अध्यक्ष मिथिलेश गौड़, ललिता गौड़, सीमा, फूला देवी सहित अनेक सम्मानित ग्रामीण शामिल रहे।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने बिरसा मुंडा के आदर्शों को आगे बढ़ाने तथा समाज में एकता, सद्भाव और समान अधिकारों की भावना को सशक्त करने का संकल्प लिया। सभी ने एक स्वर में कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का संघर्ष, त्याग और बलिदान सदैव प्रेरणा देता रहेगा।
कार्यक्रम का समापन बिरसा मुंडा के आदर्शों को जीवन में अपनाने और समाज के उत्थान के लिए निरंतर कार्य करने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।





