अंबेडकर नगर। जनपद के बसखारी विकासखंड अंतर्गत ग्राम सभा कटया गंजन में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान, ग्राम रोजगार सेवक तथा एपीओ मनरेगा की आपसी मिलीभगत से योजनाओं में भारी अनियमितताएं की जा रही हैं।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार जिन कार्यों को करीब पाँच दिन पहले ही पूर्ण दिखाया जा सकता था, वे कार्य आज भी मनरेगा की आधिकारिक वेबसाइट पर चालू दर्शाए जा रहे हैं। आरोप है कि इसी आधार पर फर्जी हाजिरी भरकर मजदूरी भुगतान किया जा रहा है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका गहराती जा रही है।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि जिन कार्यों को पूर्ण बताया जा रहा है, उनकी गुणवत्ता अत्यंत घटिया है। मानकों को ताक पर रखकर कराए गए इन कार्यों से न केवल सरकारी धन की बर्बादी हो रही है, बल्कि योजना के मूल उद्देश्य पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने कार्यों की निष्पक्ष तकनीकी एवं प्रशासनिक जांच कराए जाने की मांग की है।
बताया जा रहा है कि ग्राम सभा के अन्य विकास कार्यों का भी सर्वे किया जा रहा है, जिसमें और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला केवल स्थानीय स्तर तक सीमित न रहकर पूरे विकासखंड में चल रहे मनरेगा कार्यों पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा सकता है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर प्रकरण में कब तक संज्ञान लेते हैं और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है, या फिर एक बार फिर भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने का प्रयास किया जाएगा। ग्रामीणों की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।





