अवधी खबर संवाददाता
बभनान,बस्ती। जनपद बस्ती के हर्रैया डिवीजन अंतर्गत बभनान विद्युत उपकेन्द्र पर लगा 10 एमवीए का मुख्य ट्रांसफार्मर जले लगभग एक सप्ताह बीत चुका है, लेकिन अब तक विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बहाल नहीं हो सकी है। अस्थायी प्रबंधन और विभागीय उदासीनता के चलते क्षेत्र के हजारों उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ट्रांसफार्मर के खराब होने से पैकौलिया, बभनान टाउन, बेदीपुर और गौर फीडरों की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित है। उपभोक्ताओं के अनुसार लोड प्रबंधन के नाम पर चारों फीडरों को बारी-बारी से केवल चार-चार घंटे बिजली दी जा रही है, जिससे किसी भी इलाके को पर्याप्त और नियमित आपूर्ति नहीं मिल पा रही है।
घरेलू जीवन प्रभावित, पेयजल संकट
लगातार बिजली कटौती से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, बुजुर्ग और बीमार लोग ठंडक से परेशान हैं। कई मोहल्लों में पेयजल संकट भी गहराने लगा है। इनवर्टर और बैटरियां चार्ज न होने से जवाब देने लगी हैं, वहीं मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं भी बार-बार बाधित हो रही हैं।
व्यापार और खेती पर असर
बभनान कस्बे समेत आसपास के ग्रामीण इलाकों में व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दुकानदारों का कहना है कि बिजली के अभाव में व्यापार प्रभावित हो रहा है। रेफ्रिजरेटर, आइसक्रीम फ्रीजर और अन्य विद्युत उपकरण उपयोग में नहीं आ पा रहे हैं।
किसानों के अनुसार समय पर बिजली न मिलने से सिंचाई कार्य बाधित हो रहा है, जिससे फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।
विभागीय दावों पर उठे सवाल
बिजली विभाग के अधिकारियों के बयानों में भी विरोधाभास देखने को मिल रहा है।
अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) का कहना है कि ट्रांसफार्मर से संबंधित कार्य शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा और जल्द ही विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
वहीं अवर अभियंता (जेई) का दावा है कि ट्रांसफार्मर में कोई खराबी नहीं है और आपूर्ति सुचारू रूप से चल रही है।
इन बयानों के बाद उपभोक्ताओं के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है। लोगों का कहना है कि जब फीडरवार सीमित समय के लिए ही बिजली दी जा रही है, तो इसे नियमित आपूर्ति नहीं कहा जा सकता।
अब क्षेत्रीय जनता की निगाहें बिजली विभाग और जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि कब तक इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाएगा और कब उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति मिल सकेगी।