अवधी खबर संवाददाता
जगदीशपुर (अमेठी)।जगदीशपुर के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में जिला पंचायत सदस्य एवं युवा भाजपा नेता सोनू यज्ञ सैनी द्वारा अपनी पूज्य माता की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित विशाल कंबल वितरण एवं खिचड़ी भोज कार्यक्रम ने सेवा, संवेदना और सामाजिक सरोकार का सशक्त संदेश दिया।
कड़ाके की ठंड के बीच हजारों जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए गए, वहीं खिचड़ी भोज के माध्यम से समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों तक राहत पहुंचाने का प्रयास किया गया।कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरि, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष दुर्गेश त्रिपाठी, वरिष्ठ नेता रोहित चौधरी, भाजपा जिला मीडिया प्रभारी चंद्र मौलि सिंह, महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष आशा बाजपेयी, गिरीश चंद्र पांडे ‘बिल्लू’, राजेश विक्रम सिंह, तेजभान सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, संगठन पदाधिकारी और प्रबुद्धजन मंचासीन रहे।
भव्य व्यवस्थाओं और भारी जनसहभागिता ने आयोजन को यादगार बना दिया।हालांकि पूरे कार्यक्रम में सबसे अधिक चर्चा का विषय रहा—जगदीशपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेश पासी की पूर्ण अनुपस्थिति। न तो उनका नाम आमंत्रण पत्र में दिखाई दिया, न मंचीय बैनरों व पोस्टरों पर और न ही मंच संचालन के दौरान कहीं उल्लेख हुआ। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों के बीच दिनभर यह सवाल गूंजता रहा कि जब जिले और संगठन के अधिकांश वरिष्ठ चेहरे मंच साझा कर रहे थे, तब अपने ही विधानसभा क्षेत्र के विधायक की गैरहाजिरी आखिर किस ओर इशारा कर रही है।
स्थानीय राजनीतिक हलकों में ऑफ द रिकॉर्ड यह चर्चा रही कि हाल के दिनों में विधायक के एक सार्वजनिक बयान के बाद पार्टी संगठन और एक बड़े सामाजिक वर्ग के बीच असहजता बढ़ी है। चर्चा यह भी रही कि उसी बयान के बाद से संगठन के भीतर नाराज़गी की फुसफुसाहट तेज हुई है। हालांकि इन दावों की न तो कोई आधिकारिक पुष्टि हुई है और न ही कोई जिम्मेदार पदाधिकारी इस विषय पर खुलकर बोलने को तैयार दिखा।कुछ राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस कथित नाराज़गी के चलते न केवल विधायक को कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया, बल्कि पूरे आयोजन में उनकी उपस्थिति को प्रतीकात्मक रूप से भी स्थान नहीं दिया गया।
आयोजकों की ओर से इन अटकलों पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं आया है।राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, जगदीशपुर विधानसभा क्षेत्र में इस स्तर के बड़े सामाजिक-धार्मिक आयोजन में विधायक की अनुपस्थिति को सामान्य घटना नहीं माना जा सकता, खासकर तब जब एक राज्य मंत्री, जिला पंचायत अध्यक्ष, पूर्व जिलाध्यक्ष और वर्तमान संगठन पदाधिकारी मंच पर मौजूद हों। क्षेत्र में यह चर्चा भी तेज है कि यदि संगठन और जनभावनाओं के बीच यह दूरी बनी रही, तो आने वाले विधानसभा चुनाव में इसका असर विधायक की राजनीतिक स्थिति पर पड़ सकता है।
कुछ विश्लेषक यह भी मानते हैं कि हालात नहीं सुधरे तो पार्टी नए राजनीतिक समीकरणों पर विचार कर सकती है।इस पूरे प्रकरण पर विधायक सुरेश पासी और भाजपा जिला नेतृत्व का पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी। वहीं समर्थक जहां विधायक को सक्रिय जनप्रतिनिधि बताते हैं, वहीं आलोचक संगठन और कार्यकर्ताओं के साथ उनके तालमेल पर सवाल उठाते नजर आए।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आयोजक सोनू यज्ञ सैनी ने कहा कि यह आयोजन राजनीति से ऊपर उठकर सेवा भावना से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि माता की स्मृति में आयोजित यह कार्यक्रम समाज के जरूरतमंद वर्गों को राहत पहुंचाने का प्रयास है, ताकि ठंड के मौसम में कोई भी परिवार कंबल के अभाव में परेशान न हो। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे सेवा कार्य निरंतर जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।
विशिष्ट अतिथि एवं गणमान्य उपस्थिति:
राजेश मसाला (उपाध्यक्ष जिला पंचायत अमेठी), शैलेन्द्र प्रताप सिंह (सदस्य विधान परिषद), राकेश प्रताप सिंह (सदर विधायक गौरीगंज), राजेश विक्रम सिंह (ब्लॉक प्रमुख जगदीशपुर), राकेश विक्रम सिंह (जिला पंचायत सदस्य), बैजनाथ रावत (अध्यक्ष अनुसूचित जाति/जनजाति उत्तर प्रदेश, पूर्व सांसद), तेजभान सिंह (पूर्व विधायक गौरीगंज), कृष्ण कुमार ‘मुन्ना सिंह’ (ब्लॉक प्रमुख तिलोई), विजय विक्रम सिंह (सदस्य पूर्वांचल बोर्ड), सुधांशु शुक्ला (जिलाध्यक्ष भाजपा अमेठी), दुर्गेश त्रिपाठी (पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा), विनोद कौशल (चेयरमैन परसडेपुर), अशोक मौर्य (डायरेक्टर उ.प्र. कोऑपरेटिव बैंक), आलोक तिवारी (चेयरमैन नगर पंचायत हैदरगढ़), घनश्याम चौरसिया (पूर्व प्रमुख अमेठी), बृजेश अग्रहरि (चेयरमैन मुसाफिरखाना), फूलचंद्र कश्यप (चेयरमैन अमेठी), रोहित चौधरी पासी (पूर्व ब्लॉक प्रमुख भादर) सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।कुल मिलाकर, जहां यह आयोजन मानवता, सेवा और सामाजिक समरसता का प्रतीक बनकर सामने आया, वहीं विधायक की अनुपस्थिति से जुड़ी राजनीतिक चर्चाओं ने जगदीशपुर विधानसभा क्षेत्र में सियासी तापमान को और बढ़ा दिया है। फिलहाल पूरा घटनाक्रम क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बना हुआ है और आगे के राजनीतिक संकेतों पर सबकी निगाहें टिकी हैं।